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टर्निंग प्वाइंट
VIDEO: बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान, रच रहा PM मोदी के हाउडी शो को फेल करने की साजिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 सितंबर को अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. इस कार्यक्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शिरकत करने जा रहे हैं. करीब 5000 भारतीय-अमेरिकियों की मौजूदगी में होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियों को देखकर पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. ऐसे में पाकिस्तान PM मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है.

पाकिस्तान ने ब्रिटेन से लेकर अमेरिका तक अपने समर्थकों को एक्टिव कर दिया है. प्लान के मुताबिक़ 22 सितंबर को जब PM नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ह्यूस्टन (Houston) में मंच साझा कर रहे होंगे तो बाहर पाकिस्तानी विरोध कर रहे होंगे.

इमरान खान ने अपने सलाहकार को सौंपा जिम्मा

22 सितंबर के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर को जब संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) को संबोधित करेंगे तब पाकिस्तानी न्यूयॉर्क (New York) में प्रदर्शन करने की तैयारी में है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस काम के लिए बाक़ायदा अपने सलाहकार जुल्फी बुख़ारी को ज़िम्मा सौंपा है. इस काम के लिए पाक PM इमरान ने 22 सितंबर से पहले ही बुख़ारी को अमेरिका भेज दिया है.

अमेरिका से ब्रिटेन तक मोदी विरोध की तैयारी

  • काम को अंजाम देने में लगा पाकिस्तान- सूत्रों की मानें तो जुल्फी बुख़ारी ने अपने काम को अंजाम देने की शुरुआत कर दी है. इसके लिए बुखारी पाकिस्तानी ग्लोबल फ़ाउंडेशन के चीफ और ख़ालिस्तान समर्थकों से मुलाक़ात कर रहे हैं. इन्हीं संगठनों के जरिए पाकिस्तान ने PM मोदी के कार्यक्रम पर विरोध प्रदर्शन करने की साजिश रची है.
  • पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पीटीआई के नेता बैरिस्टर सुल्तान महमूद चौधरीभी अपनी योजना को अंजाम देने के लिए ब्रिटेन के मैन्चेस्टर में है.

26 अगस्त 2019- फ्रांस में मोदी के खिलाफ प्रदर्शन को पाकिस्तानी महिला दे रही थी पैसे

  • दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बनाने वाली एक पाकिस्तानी महिला को एक्सपोज किया है. बग्गा ने फ्रांस में रहने वाली पाकिस्तानी महिला की बातचीत की एक ऑडियो अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया है.
  • ऑडियो में एक पाकिस्तानी महिला फोन पर एक पुरुष के साथ सौदेबाजी कर रही है, जो खुद को लाहौर का बता रहा है. जब यह व्यक्ति कहता है कि उसे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पैसे चाहिए तो इस महिला ने कहा कि पैसे तो नहीं देंगे, लेकिन खिला-पिला देंगे.
  • जब दूसरी ओर से कहा गया कि आपने इस तरह के प्रदर्शन के लिए आपने पहले भी पैसे दिए हैं, तो उस महिला ने कहा कि ठीक है, 2 डॉलर प्रति व्यक्ति के हिसाब से देंगे. जब यह व्यक्ति पैसे और बढ़ाने की बात करता है तो काफी ना-नुकुर के बाद सौदा 5 डॉलर प्रति व्यक्ति के हिसाब से तय हो जाता है.
  • प्रधानमंत्री मोदी G-7 सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस गए हुए थे जहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी.

सोशल मीडिया पर यूं सामने आया ये मामला

  • भारतीयों ने इस आयोजन से पहले पाकिस्तानियों पर प्रॉपेगैंडा चलाने का आरोप लगाया है. भारत समर्थक ऐक्टिविस्ट्स का कहना है कि सैकड़ों की संख्या में मस्जिदों और इस्लामिक सेंटर्स में लोग पहुंचे हैं और कार्यक्रम के विरोध की योजना बनाई जा रही है.
  • खासतौर पर ऐसे विरोध के लिए मस्जिदों को केंद्र के तौर पर चुनने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. मोदी की इस रैली के समर्थकों ने ह्यूस्टन पुलिस, एफबीआई, यूएस सीक्रट सर्विस और इमिग्रेशन अथॉरिटीज को टैग कर इसकी शिकायत की है.
  • यह मामला सबसे पहले तब सोशल मीडिया पर आया जब एक ऐक्टिविस्ट ने 13 पिक-अप लोकेशंस की जानकारी देते हुए कहा कि इन जगहों से 'हाउडी मोदी' इवेंट के खिलाफ प्रदर्शन के लिए लोगों को ले जाया गया है.

2014 औप 2015 में अमेरिकी यात्रा के दौरान हुआ था PM मोदी के खिलाफ प्रदर्शन.

सितंबर 2015- नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान विरोध में रैली का आयोजन

अलायंस फॉर जस्टिस ऐंड अकाउंटबिलिटी (AJA) के बैनर के तहत इन संगठनों ने 27 सितंबर को सान जोस स्थित SAP सेंटर के बाहर रैली की. इस संगठन ने खुद को एक अमेरिका आधारित भारतीय-दक्षिण एशियाई संगठनों और लोगों के विभिन्न तबकों का एक गठजोड़ बताया था. इसने ' मोदी फेल डॉट कॉम' नाम से एक वेबसाइट भी पेश करते हुए प्रधानमंत्री की कथित नाकामियों का जिक्र किया.

19 सितंबर- अकबरुद्दीन ने कहा- वह जितना नीचे झुकेगा, हम उतना ऊंचा उठेंगे

अकबरुद्दीन ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को उच्च स्तरीय सत्र के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्राथमिकताओं एवं उसकी भागीदारी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि महासभा में इस साल भारत की भागीदारी एवं पहुंच अभूतपूर्व है. मीडिया से बातचीत के दौरान इस पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए अकबरुद्दीन ने कहा कि, हमने उन्हें (पाकिस्तान) को मुख्यधारा में लाते हुए देखा है. अब वह नफरत से भरे बयानों को यूएन में लाना चाहते हैं. अगर उन्हें यह करना है तो ये उनकी सोच होगी. लेकिन इससे उनका स्तर नीचे गिरेगा.

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