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एक महीने होना था ट्रॉयल, क्यों 18 दिन में ही बंद हो गई हाइड्रोजन बसें? सामने आई बड़ी वजह

एक महीने होना था ट्रॉयल, क्यों 18 दिन में ही बंद हो गई हाइड्रोजन बसें? सामने आई बड़ी वजह

TV9 UP 1 week ago

राष्ट्रीय राजधानी से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में चलाई गई हाइड्रोजन बसों का ट्रॉयल रन वापस ले लिया गया है. इन बसों का एक महीने ट्रॉयल होना था, इसके बाद इन्हें शहर में यात्रियों के लिए विधिवत उतारा जाना था.

लेकिन एक महीना तो दूर, इनमें से कोई भी बस 18 दिन भी नहीं दौड़ सकी. ट्रॉयल के लिए चलाई गईं तीन बसों में से केवल एक ही बस 18 दिन सफर कर सकी है. जबकि दूसरी को 15 दिन और तीसरी को महज चार दिन में ही ऑफरोड कर दिया गया.

जानकारी के मुताबिक यह तीनों बसें कुल 17444 किमी चलीं है. इन बसों को ऑफरोड करने की बड़ी वजह इनके संचालन का खर्च बताया जा रहा है. वहीं दूसरी बड़ी वजह इनके रूट पर सवारियों का कम मिलना भी है. अधिकारियों के मुताबिक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के लिए ट्रायल रन हुआ, लेकिन इन बसों को अनुमान से भी कम सवारियां मिलीं. इसकी वजह से बसों का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया.

अल लॉंग रूट पर चलेंगी बसें

अधिकारियों के मुताबिक इलेक्ट्रिक बसों की अपेक्षा इन बसों का खर्च कुछ ज्यादा है. इसलिए इन बसों को अब लॉंग रूट पर चलाया जाएगा. फिलहाल इन्हें ग्रेटर नोएडा से आगरा के लिए चलाने की योजना है. बता दें कि नोएडा एयरपोर्ट के संचालन में अधिकारी इन्हीं बसों में सवार होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे. उसके बाद ही एक महीने का ट्रायल शुरू हुआ था. हालांकि ये भी महज 18 दिन में ही खत्म हो गया.

खर्च साढ़े 8 लाख, कमाई केवल डेढ़ लाख

ट्रॉयल के लिए एनटीपीसी के साथ यमुना अथॉरिटी का अनुबंध हुआ था. इसमें तय हुआ था कि लागत और कमाई में अंतर आने पर भरपायी ऑथारिटी करेगी. इसी क्रम में पहले एक महीने तक ट्रायल रन करना था. इसमें यात्रियों से किराया तो महज एक लाख 66 हजार रुपये वसूल हुआ, लेकिन यमुना अथॉरिटी को खर्च 8.32 लाख रुपये का करना पड़ा. बताया जा रहा है कि ट्रॉयल रन में तकनीकी खामियां भी पायी गई हैं.

यमुना एक्सप्रेसवे पर दौड़ेंगी बसें

अधिकारियों के मुताबिक इन बसों को एनटीपीसी ही हाइड्रोजन उपलब्ध कराता है. एक बार ईंधन भरने के बाद ये बसें 600 किमी चलती हैं. इस हिसाब से ये बसें खूब आराम से 300 किमी अप-डाउन कर सकती हैं. ऐसे में इन्हें यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा से आगरा तक चलाने का निर्णय लिया गया है. यमुना अथॉरिटी के एसीईओ राजेश कुमार के मुताबिक इन बसों को जल्द ही सड़क पर उतारा जाएगा.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: TV9 UP