Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
क्रिप्टो के नाम पर 800 करोड़ का खेल, STF ने 'सी-प्राइम कैपिटल' सरगना को दबोचा; ऐसे देता था निवेश का झांसा

क्रिप्टो के नाम पर 800 करोड़ का खेल, STF ने 'सी-प्राइम कैपिटल' सरगना को दबोचा; ऐसे देता था निवेश का झांसा

TV9 UP 1 month ago

हारनपुर में एसटीएफ ने 800 करोड़ के बड़े क्रिप्टो निवेश घोटाले के सरगना को गिरफ्तार किया. यह गिरोह 'सी-प्राइम कैपिटल' नाम की फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को मोटा मुनाफा का लालच देता था.

सोशल मीडिया और सेमिनार से हजारों लोगों को फंसाया गया. अब तक लगभग ₹700-800 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है.

गिरफ्तार सरगना की पहचान जतीन्द्र राम पुत्र जयचन्द्र निवासी यमुनानगर, हरियाणा के रूप में हुई है. यूपी STF ने 8 अप्रैल 2026 की शाम दिल्ली रोड स्थित कोलाबा रेस्टोरेंट से आरोपी को दबोचा है. वह गाजियाबाद कमिश्नरेट के थाना मसूरी में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहा था. यह गिरोह देश भर में 3500 से अधिक एजेन्टों के माध्यम से ठगी को अंजाम देता था.

ट्रेडिंग कम्पनी में निवेश का झांसा देकर ठगी

एसटीएफ को क्रिप्टो करेंसी में निवेश के लिए विज्ञापन के माध्यम से धोखाधड़ी करने की सूचना मिली थी. इस बीच मुखबिर से पता चला कि गिरोह का सरगना कोलाबा रेस्टोरेंट, दिल्ली रोड, सहारनपुर में मौजूद है,.इस सूचना पर एसटीएफ टीम ने मौके पर छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार किया, पूछताछ में उसने कहा कि वह इनवेस्ट कराने के नाम पर ठगी करता है.

उस गिरोह का वह खुद सरगना है और मोहित राना, गौरव सिंह, गीता हजारिका और अन्य मुख्य सहयोगी है. इसके द्वारा एजूकेण्डल नाम की ट्रेडिंग प्रशिक्षण के लिए एक संस्था बनाई गयी है जो देहरादून में रजिस्टर्ड है. गिरोह द्वारा सोशल मीडिया/सेमिनार आयोजित कर अच्छे रिटर्न का झांसा देकर लोगों को उक्त ट्रेडिंग कम्पनी में निवेश का झांसा दिया जाता था.

पैसे को क्रिप्टो के जरीए विदेशी खातों में भेजता

यह गिरोह निवेश करने वाले व्यक्तियों को एमटी-5 नामक एप पर यूजर आईडी बना देते थे. फि उसपर पर हुए लाभ को क्रिप्टो/विदेशी करेंसी पर प्रदर्शित किया जाता है, जिसका कण्ट्रोल गिरोह के पास ही होता था. फिर निवेशकों को लम्बे समय तक निवेश बनाये रखने का लालच दिया जाता था, जिससे वह भरोसे में रहें और उनका पैसा विदेशी खातों में भेजा दिया जाता.

गिरोह ने भारत में वैल्थ आदि दिखाने के लिए कुछ बोगस फर्म/शैल कम्पनियां बना रखी थी, जिसका पूर्ण अधिकार जतीन्द्र राम व मोहित राना, गौरव सिंह पर है. इसे धोखाधड़ी से मिले धन को लीगल करने के लिए भी किया जा रहा था. आरोपी ने बताया कि उसके द्वारा देश भर में 3500 से अधिक एजेन्टों के माध्यम से ठगी की जा रही है, जिसमें 700-800 करोड़ निवेश हुए.

गिरोह के अन्य सदस्यों का गिरफ्तारी में जुटी पुलिस

पुलिस ने आरोपी जतीन्द्र राम को कमिश्नरेट गाजियाबाद के थाना मसूरी में BNS की 109/26 धारा 318(4)/ 338/ 336(3) में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपी से पूछताछ में करने में जूटी है. साथ ही गिरोह के अन्य सदस्य मोहित राणा, गौरव सिंह जो फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: TV9 UP