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राम मंदिर में अब CEO की होगी नियुक्ति, चयन के लिए बनी ये कमेटी

राम मंदिर में अब CEO की होगी नियुक्ति, चयन के लिए बनी ये कमेटी

TV9 UP 2 weeks ago

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. ट्रस्ट की सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया गया कि अब मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक पेशेवर, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जाएगी.

इसके लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय चयन समिति का गठन कर दिया है.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना के बाद पहली बार CEO का पद सृजित किया जा रहा है. अब तक मंदिर के प्रशासनिक और दैनिक संचालन की प्रमुख जिम्मेदारी महासचिव और ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों के पास थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों के बाद ट्रस्ट ने महसूस किया कि मंदिर जैसी विशाल धार्मिक संस्था के संचालन के लिए पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था की जरूरत है. इसी को देखते हुए CEO नियुक्त करने का फैसला लिया गया.

तीन सदस्यीय हाई-पावर कमेटी गठित

ट्रस्ट ने CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई है. इस समिति में न्यायपालिका और सेना के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है. समिति में शामिल सदस्य हैं- सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सुरेश हावड़े शामिल हैं. यह समिति CEO पद के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगी और अपनी सिफारिश ट्रस्ट के समक्ष रखेगी.

सेना और न्यायपालिका के अनुभवी अधिकारियों पर भरोसा

ट्रस्ट द्वारा चयन समिति में दो पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल और एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और पेशेवर बनाने की कोशिश की जा रही है. पूर्व सैन्य अधिकारियों का प्रशासनिक अनुशासन और नेतृत्व का अनुभव के साथ ही रिटायर न्यायाधीश की कानूनी समझ चयन प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बना सकती है.

क्यों महसूस हुई CEO की जरूरत?

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठे. जांच के दौरान कर्मचारियों की नियुक्तियों, सुरक्षा व्यवस्था, दान प्रबंधन और प्रशासनिक निगरानी जैसे मुद्दे भी चर्चा में आए. ट्रस्ट ने महसूस किया कि मंदिर का संचालन आधुनिक प्रशासनिक प्रणाली के अनुरूप किया जाना चाहिए. CEO की नियुक्ति से वित्तीय प्रबंधन, मानव संसाधन, सुरक्षा, तकनीकी निगरानी और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं का बेहतर समन्वय संभव होगा.

कृष्णमोहन बने ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में सबसे पहले चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा हुई. ट्रस्ट सदस्यों ने सर्वसम्मति से दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए. इसके बाद महासचिव का पद खाली होने पर अंतरिम व्यवस्था के तहत कृष्णमोहन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई. दलित समाज से आने वाले कृष्णमोहन भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. हरदोई जिले के रहने वाले कृष्णमोहन लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वैचारिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: TV9 UP