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उत्तराखंड में आ सकती है नेपाल जैसी तबाही! इन 5 झीलों को लेकर हाई अलर्ट, निगरानी शुरू

उत्तराखंड में आ सकती है नेपाल जैसी तबाही! इन 5 झीलों को लेकर हाई अलर्ट, निगरानी शुरू

TV9 UP 2 weeks ago

नेपाल में महाप्रलय का दौर जारी है. अब तक इस महाप्रलय में 538 लोगों की मौत हो चुकी हैं, वहीं 1500 से अधिक लोग अभी भी लापता है. इन लापता लोगों में 290 भारतीय नागरिक हैं. उधर, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 200 से अधिक लोग तिब्बत में फंसे पड़े हैं.

इस जलप्रलय को देखने के बाद केंद्र सरकार भारत में मौजूद संवेदनशील ग्लेशियर झीलों को लेकर अलर्ट हो गई है. इनमें 5 झीलें हिमालयी क्षेत्र में हैं और आपदा के लिहाज से बेहद खतरनाक हैं.

इन पांचों झीलों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है. केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा साल 2024 में जारी संवेदनशील झीलों की लिस्ट में अकेले उत्तराखंड की 13 झीलें शामिल हैं. इनमें पांच अतिसंवेदनशील बताई जा रही हैं. इनमें भी चार झीलें नेपाल सीमा से सटे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में है. वहीं पांचवीं झील वसुधारा ग्लेशियर चमोली में हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अलर्ट के बाद इन सभी झीलों की निगरानी बढ़ा दी गई है.

क्यों है चिंता?

उत्तराखंड के सचिव-आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के मुताबिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर इन झीलों की निगरानी और सुरक्षा के उपाय मजबूत किए जा रहे हैं. फिलहाल यहां फिलहाल चिंता जैसी स्थिति नहीं है. हालांकि विशेषज्ञों ने मौसम के बदलते ट्रेंड की वजह से चिंता जताई है. दावा किया है कि भूस्खलन या हिमस्खलन की वजह से ये झीलें फट सकती हैं. इनकी वजह से उत्तराखंड से लेकर यूपी तक सैलाब आ सकता है.

अभी बाकी है 2 झीलों का सर्वे

प्राधिकरण के अलर्ट के बाद बीते दो वर्षों में उत्तराखंड की तीन झीलों का प्राथमिक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया गया है. हालांकि अभी भी दो झीलों का सर्वेक्षण बाकी है. आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के मुतबिक चमोली की वसुधारा और पिथौरागढ़ की दो ग्लेशियर झीलों का सर्वे पूरा हो चुका है. बाकी दो झीलों का सर्वे इसी साल सितंबर में किया जाएगा. इन झीलों का भी सर्वे मई में होना था, लेकिन झीलों के जमे होने की वजह से काम नहीं हो पाया था.

खतरा क्या है?

विशेषज्ञों के मुताबिक तिब्बत सीमा पर भी ग्लेशियर फटने की वजह से सैलाब आया है. आम तौर पर ऐसा भूस्खलन या हिमस्खलन की वजह से होता है. उत्तराखंड में यह स्थिति कभी भी बन सकती है. ऐसे हालात में यदि इन पांचों में से कोई भी ग्लेशियर झील फटी तो उत्तराखंड में जलप्रलय आ सकता है. इस जलप्रलय से ना केवल उत्तराखंड, बल्कि उत्तर प्रदेश का भी बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: TV9 UP