संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने बताया कि यूएन एजेंसियाँ और मानवीय सहायता साझीदार, स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्रवाई में मदद कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "महासचिव नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ से दुखी हैं, जिसमें कई लोगों की मौत हुई है, अनेक लोग लापता हैं और भारी तबाही हुई है."
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नेपाल में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेंट कोऑर्डिनेटर लीला पीटर्स याहिया, सरकार के नेतृत्व में चल रहे राहत प्रयासों के लिए साझीदारों के साथ समन्वय कर रही हैं. स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा कि इसका मक़सद "बड़े पैमाने पर मानवीय ज़रूरतों को पूरा करना" है.
ज़मीनी स्तर पर राहत प्रयास तेज़
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, लगभग 10 हज़ार परिवारों को तत्काल राहत सहायता की ज़रूरत है.
संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत समन्वय कार्यालय (OCHA) ने बताया कि बाढ़ में बस्तियाँ, बाज़ार, सड़कें, पुल और जलविद्युत ढाँचे बह गए हैं या क्षतिग्रस्त हुए हैं. कई इलाक़ों में सड़क सम्पर्क टूट गया है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है.
मानवीय सहायता साझीदार प्रभावित लोगों तक आपात सहायता पहुँचा रहे हैं और ज़रूरत बढ़ने पर अतिरिक्त मदद के लिए भी तैयार हैं.
स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा, "हम आपदा के पैमाने का जल्द से जल्द आकलन करने के प्रयासों में भी सहयोग दे रहे हैं."
उन्होंने बताया कि चीन में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने भी चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में भारी नुक़सान, बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने और व्यापक तबाही की सूचना दी है.
उन्होंने कहा, "हम चीन में सरकार के नेतृत्व में चल रहे राहत प्रयासों में सहायता देने के लिए तैयार हैं."
संयुक्त राष्ट्र की कार्रवाई
आपात स्थिति में तेज़ राहत पहुँचाना संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख प्राथमिकताओं में है. नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद यूएन और उसके साझीदारों ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं.
Save the Children ने बाढ़ प्रभावित नुवाकोट ज़िले में कर्मचारियों को तैनात करना शुरू किया है, जबकि नेपाल रैड क्रॉस ने 200 आपात आश्रय पैकेज भेजे हैं.
यूएन के राहत प्रयासों की एक झलक:
- विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) प्रभावित इलाक़ों में

