अन्तरराष्ट्रीय जल प्रबन्धन संस्थान (IWMI) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकांश देशों में, जलवायु अनुकूलन के लिए पानी को "शीर्ष प्राथमिकता" माना जाता है, फिर भी इसे वैश्विक जलवायु वित्त का 10 प्रतिशत से भी कम हिस्सा मिल रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, हालिया जलवायु सम्मेलनों में सार्वजनिक वित्तीय प्रतिबद्धताएँ सीमित रही हैं, जबकि निजी क्षेत्र का योगदान और स्थानीय जल उपयोगकर्ताओं द्वारा किया गया "स्व-वित्तपोषण" (यानि स्वयं ही धन की व्यवस्था), सिंचाई और स्वच्छता जैसी ज़रूरतों के लिए अहम सहारा बनता जा रहा है.
वित्तीय सहायता अहम
रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु अनुकूलन और सतत विकास में जल की अहम भूमिका होने के बावजूद, वैश्विक वित्तीय चर्चाओं में पानी को अब भी पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिल रही है.
IWMI के महानिदेशक मार्क स्मिथ ने एकीकृत प्रयासों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि "IWMI, विश्व मौसम संगठन (WMO) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत, मिलकर बाढ़, सूखे और जल संकट से निपटने की तैयारियों को मज़बूत करेगा."
"इसके लिए प्रारम्भिक चेतावनी प्रणालियों, नई तकनीकों, उपकरणों और अनुप्रयुक्त शोध (applied research) का उपयोग किया जाएगा."
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जल परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता के तरीक़ों में व्यापक बदलाव नहीं किए गए, तो बढ़ती जल असुरक्षा वैश्विक खाद्य प्रणालियों और जैव विविधता के लिए लगातार ख़तरा बनी रहेगी.
© UNDP
IWMI क्या है?
IWMI एक गै़र-लाभकारी वैज्ञानिक अनुसन्धान संगठन है, और वैश्विक साझेदारी CGIAR का सदस्य है.
यह संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करता है, और UN-SPIDER कार्यक्रम को क्षेत्रीय समर्थन भी प्रदान करता है.
UN-SPIDER एक ऐसा मंच है, जो सभी देशों को आपदा प्रबन्धन और आपात प्रतिक्रिया के लिए, अन्तरिक्ष-आधारित डेटा तक पहुँच और उसके प्रयोग को सुनिश्चित करता है.

