अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, संक्रमित पुरुष, 'होंडियस' नामक इस जहाज़ पर यात्रा कर रहे थे. उनका अब स्विट्ज़रलैंड के ज्यूरिख शहर के एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म, X, पर अपने सन्देश में बताया है कि अन्तरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियामन व्यवस्था के तहत, WHO सम्बद्ध देशों के साथ मिलकर प्रयासों में जुटा है, ताकि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों का पता लगाया जा सके, संदिग्ध मामलों की निगरानी हो और बीमारी के फैलाव को सीमित किया जाए.
बुधवार तक, अर्जेंटीना में पड़ाव से चलने के बाद इस क्रूज़ जहाज़ पर सवार 147 यात्रियों में से 3 की मौत हो चुकी है, और अब यह काबो वर्दे के तट के पास है.
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WHO महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयसस के अनुसार, बुधवार को 3 यात्रियों को इस जहाज़ से बाहर निकाला गया है और उन्हें नैदरलैंड्स में उपचार के लिए ले जाया जा रहा है.
"फ़िलहाल, कुल मिलाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम अभी कम ही है."
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा दर्शाता है कि होंडियस नामक यह क्रूज़ क्रोएशिया में बनाया गया था. यह 108 मीटर लम्बा है और अन्तरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) द्वारा इसे 9818709 नामक पहचान संख्या के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है.
इस जहाज़ पर 196 यात्रियों और नाविक दल के 72 सदस्यों के सवार होने की क्षमता है. होंडियस ने अपनी पहली यात्रा नैदरलैंड्स से आर्कटिक सर्किल में स्पिट्ज़बर्गन समेत ज्वालामुखी द्वीपों का सफ़र किया था.
यूएन एजेंसी ने मरीज़ों के जहाज़ पर सवार होने से पहले ही संक्रमित होने की आशंका व्यक्त की है. अभी तक 8 संक्रमण मामलों की जानकारी मिली है, जिनमें 3 के हंटावायरस होने की पुष्टि हो चुकी है.
इससे पहले, WHO ने मंगलवार को बताया था कि दक्षिण अफ़्रीका के अस्पताल में भर्ती मरीज़ की गहन देखभाल की जा रही है और उनकी स्थिति में सुधार हुआ है.
इस वायरस की शिनाख़्त करने के लिए दक्षिण अफ़्रीका में संचारी रोगों के लिए राष्ट्रीय संस्थान, और जिनीवा युनिवर्सिटी अस्पताल से मदद मिली है. इसके अलावा, सेनेगल और अर्जेंटीना में स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं ने भी समर्थन प्रदान किया है.
हंटावायरस संक्रमण
हंटावायरस संक्रमण, चीज़ों को कुतरने वाले जानवरों (कृंतकों) जैसेकि संक्रमित छोटे या बड़े चूहों (rodents) के मल-मूत्र या थूक के सम्पर्क में आने की वजह से फैलता है.
विश्व भर में, हर वर्ष इसके हज़ारों मामले दर्ज किए जाते हैं. किसी संक्रमित के सम्पर्क में आने के बाद, मनुष्यों में इसके लक्षण 1 से 6 सप्ताह के भीतर दिखाई देते हैं, जिनमें बुख़ार, सिरदर्द, माँसपेशियों में दर्द, और पाचन तंत्र से जुड़ी मुश्किलें जैसेकि पेट दर्द, मितली या उल्टी हैं.
होंडियस नामक यह क्रूज़ अफ़्रीकी तट पर स्थित अनेक द्वीपों पर रुका था, जिनमें से कई स्थानों पर बड़ी संख्या में कृंतक (rodents) हैं, और उन द्वीपों पर संक्रमण का स्रोत हो सकता है.
WHO का मानना है कि बहुत नज़दीकी सम्पर्क होने की स्थिति में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमण हो सकता है, जैसेकि पति-पत्नी में जो एक ही केबिन में रह रहे थे.
देखभाल, सर्वोच्च प्राथमिकता
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों के साथ मिलकर अपने प्रयास जारी रखने की बात दोहराई है, ताकि यात्रियों व नाविक दल के सदस्यों के पास पर्याप्त जानकारी हो, वे सुरक्षित रहें और इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सके.
WHO ने मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता में कहा था कि उसकी "योजना और सर्वोच्च प्राथमिकता इस समय इन दो व्यक्तियों को चिकित्सा के लिए यहाँ से बाहर निकालना है," ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें समय पर आवश्यक उपचार मिल सके.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी में वैश्विक महामारी की तैयारियों व रोकथाम के लिए विभाग की प्रमुख डॉक्टर मारिया वान कर्कहोव ने जिनीवा में पत्रकारों को बताया कि इस क्रूज़ शिप को अपना सफ़र जारी रखते हुए कैनेरी आईलैंड्स पहुँचना है. और वहाँ आगमन से पहले, WHO, स्पेन सरकार के साथ मिलकर तैयारी कर रहा है.
स्पेन ने इस यात्री जहाज़ की पूर्ण जाँच करने का भरोसा दिलाया है, यात्रियों में किसी स्वास्थ्य चिन्ता के जोखिम का आकलन होगा, और साथ ही संक्रमण दूर करने के लिए जहाज़ के सभी हिस्सों में कीटाणुनाशन किया जाएगा.
उन्होंने यात्री जहाज़ पर सवार 20 से अधिक देशों के नागरिकों को भरोसा दिलाया था कि हम आपको बताना चाहते हैं कि हम जहाज़ संचालकों और सम्बद्ध देशों के साथ प्रयास कर रहे हैं. "हम जानते हैं कि आप डरे हुए हैं. हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि जहाज़ पर यथासम्भव सूचना मुहैया कराई जाए...कि आपकी देखभाल हो और आप सुरक्षित ढंग से घर पहुँच सकें."

