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113 करोड़ की प्राण प्रतिष्ठा से 10.12 करोड़ के ध्वजारोहण तक..., अब राम मंदिर के इन 4 बड़े कार्यक्रमों की जांच कर रही है SIT

113 करोड़ की प्राण प्रतिष्ठा से 10.12 करोड़ के ध्वजारोहण तक..., अब राम मंदिर के इन 4 बड़े कार्यक्रमों की जांच कर रही है SIT

UP Tak 1 week ago

Ram Mandir SIT Investigation: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदा और चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब अपनी पड़ताल का दायरा बढ़ा दिया है.

जांच एजेंसी पिछले दो वर्षों में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित चार प्रमुख कार्यक्रमों पर हुए कुल 124 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का ऑडिट कर रही है. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन आयोजनों पर खर्च की गई राशि ट्रस्ट की निर्धारित वित्तीय प्रक्रियाओं और स्वीकृतियों के अनुरूप खर्च की गई थी या नहीं. इसके लिए ऑडिट रिपोर्ट, पेमेंट वाउचर, बिल, चार्टर्ड अकाउंटेंट के रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

सबसे बड़ा खर्च प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बने भव्य श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. यह ट्रस्ट का सबसे बड़ा आयोजन था, जिस पर कुल 113 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत करीब 8,000 अतिथि शामिल हुए थे. ऑडिट रिकॉर्ड के अनुसार, शेड और टेंट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर 35.97 करोड़ रुपये खर्च किए गए. अक्षत पूजन अभियान पर 30.85 करोड़ रुपये, प्रचार और विज्ञापन पर 21.77 करोड़ रुपये तथा सजावट और लाइटिंग पर 14.62 करोड़ रुपये खर्च हुए. इसके अलावा मेहमानों के भोजन और आतिथ्य पर 5.11 करोड़ रुपये, धार्मिक अनुष्ठानों पर 1.06 करोड़ रुपये, भक्ति संगीत (राग सेवा) पर 93 लाख रुपये, साउंड सिस्टम पर 68 लाख रुपये, बिजली और मंडल पूजन पर 43-43 लाख रुपये तथा विविध तैयारियों पर 51 लाख रुपये खर्च किए गए. अब एसआईटी इन सभी मदों में हुए भुगतान और वित्तीय स्वीकृतियों की जांच कर रही है.

प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह और

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूरे होने पर 11 से 13 जनवरी 2025 के बीच प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम पर ट्रस्ट ने कुल 83 लाख रुपये खर्च किए थे. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, केवल लाइटिंग और सजावट पर ही 52 लाख रुपये खर्च किए गए. एसआईटी अब इस आयोजन से जुड़े खर्च और भुगतान के दस्तावेजों का भी सत्यापन कर रही है.

महाकुंभ व्यवस्था भी जांच के घेरे में

साल 2025 में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और संतों की सुविधा के लिए भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने विशेष व्यवस्थाएं की थीं. इन व्यवस्थाओं पर करीब 43 लाख रुपये खर्च किए गए थे. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस राशि का उपयोग किन-किन मदों में किया गया और क्या सभी भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए गए थे.

ध्वजारोहण कार्यक्रम पर 10.12 करोड़ रुपये खर्च

श्रीराम मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद नवंबर 2025 में मंदिर के ध्वजारोहण का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया था. ट्रस्ट ने इस आयोजन पर करीब 10.12 करोड़ रुपये खर्च किए थे. अब एसआईटी इस कार्यक्रम से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड, भुगतान संबंधी दस्तावेज और स्वीकृति प्रक्रिया की जांच कर रही है.

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी का फोकस केवल खर्च की गई राशि पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी है कि धन का उपयोग ट्रस्ट की निर्धारित वित्तीय व्यवस्था, मंजूरी और लेखा प्रणाली के अनुरूप हुआ या नहीं. इसी कारण पिछले दो वर्षों में आयोजित इन चार प्रमुख आयोजनों के संपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड का विस्तृत ऑडिट किया जा रहा है. फिलहाल जांच जारी है और एसआईटी उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर सभी खर्चों की क्रमवार पड़ताल कर रही है.

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