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बीजेपी छोड़ सपा में शामिल होने वाले हेमराज वर्मा कौन हैं? अखिलेश यादव ने कराई जॉइनिंग

बीजेपी छोड़ सपा में शामिल होने वाले हेमराज वर्मा कौन हैं? अखिलेश यादव ने कराई जॉइनिंग

UP Tak 2 weeks ago

त्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है. राजनीतिक दलों में जोड़-तोड़ और नेताओं की आयाराम-गयाराम की राजनीति ने रफ्तार पकड़ ली है. चुनावी तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका देते हुए पूर्व राज्य मंत्री हेमराज वर्मा ने कमल का साथ छोड़ दिया है और एक बार फिर समाजवादी हो गए हैं.

लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हेमराज वर्मा समेत कई दिग्गज नेताओं का बकायदा नाम लेकर पार्टी में स्वागत किया और उन्हें समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई. लोधी किसान समुदाय के बड़े चेहरे हेमराज वर्मा की इस 'घर वापसी' को पीलीभीत और आसपास के इलाकों में सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

सपा में शामिल हुए कई दिग्गज

समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पहुंचे. मंच से लेकर हॉल और बाहर तक भारी भीड़ देखने को मिली. नेताओं को सपा में शामिल कराते हुए अखिलेश यादव ने कहा 'समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहे सभी साथियों का मैं बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार प्रकट करता हूं. पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा जी का हमारी पार्टी में स्वागत है. इसके अलावा नसीमउद्दीन सिद्दीकी साहब के आह्वान पर बड़ी संख्या में साथी आए हैं. विधायक रामअवतार सैनी, मुकेश सैनी, आजाद सिंह सैनी, प्रमोद सैनी, सरिता सैनी, रत्नेश गंगवार, उनकी पत्नी प्रियंका गंगवार, डॉ. आर.के. मिश्रा, डॉ. नीतू मिश्रा, श्याम नारायण कोरी, रजक उस्मानी, निगार उस्मानी, डॉ. अब्दुल मनान समेत लंबी सूची है. मैं इन सभी का सपा में तहे दिल से स्वागत करता हूं.'

3 साल में बीजेपी से हुआ मोहभंग

पूर्व राज्य मंत्री हेमराज वर्मा 2023 में सपा से मनमुटाव के चलते बीजेपी में शामिल हो गए थे. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पीलीभीत से जितिन प्रसाद को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि सूत्रों की मानें तो वे बीजेपी में अपनी उपेक्षा और उम्मीदें पूरी न होने से असहज महसूस कर रहे थे. करीब 3 साल के भीतर ही उनका बीजेपी से मोहभंग हो गया और अब वे वापस अपने पुराने घर यानी समाजवादी पार्टी में लौट आए हैं.

कैसा रहा है हेमराज वर्मा का अब तक का राजनीतिक सफर?

हेमराज वर्मा ने बीएसपी (BSP) के टिकट पर पीलीभीत शहर सीट से अपनी चुनावी राजनीति शुरू की थी. लेकिन उन्हें हार मिली. 2012 में वे समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और बरखेड़ा सीट से विधायक चुने गए. 2015 में अखिलेश सरकार में उन्हें रसद विभाग का राज्य मंत्री बनाया गया. 2017 में बरखेड़ा से सपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए. 2022 के चुनाव में भी उन्हें इस सीट से जीत नहीं मिली. 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने उन्हें पीलीभीत से टिकट दिया था जहां उनका मुकाबला बीजेपी के वरुण गांधी से हुआ.लेकिन वे चुनाव हार गए.

पीलीभीत सीट पर नजर

राजनीतिक गलियारों और सूत्रों के मुताबिक, हेमराज वर्मा आगामी 2027 चुनाव में पीलीभीत शहर सीट से सपा के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. हेमराज वर्मा लोधी (किसान) समुदाय से आते हैं जिसकी पीलीभीत और आसपास के इलाकों में अच्छी-खासी आबादी है. अखिलेश यादव की नजर उनके जरिए लोधी वोट बैंक को साधने और अपने पीडीए फॉर्मूले को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने पर है. अब देखना यह होगा कि हेमराज वर्मा की इस वापसी से सपा पीलीभीत में अपना परचम लहरा पाती है या नहीं.

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