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बिना रोल नंबर चेक किए मान लिया बन गई IAS... बुलंदशहर की शिखा सिंह की नहीं आई थी रैंक-113, असली हकदार कौन?

बिना रोल नंबर चेक किए मान लिया बन गई IAS... बुलंदशहर की शिखा सिंह की नहीं आई थी रैंक-113, असली हकदार कौन?

UP Tak 3 weeks ago

UP News: बीते 6 मार्च को जब UPSC का रिजल्ट घोषित हुआ तो बुलंदशहर में जश्न का माहौल था. शिखा गौतम नामक युवती ने दावा किया कि एग्जाम में उसकी 113वीं आई है. यह खबर आग की तरह फैल गई. जमकर ढोल-नगाड़े बजे. शिखा की दादा की आंखों में खुशी के आंसू थे.

घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. लेकिन यह जश्न महज एक भ्रम साबित हुआ.

कैसे पलटा ये मामला?

मामले में मोड़ तब आया जब प्रशासनिक अधिकारी बधाई देने शिखा के घर पहुंचे और उससे संबंधित दस्तावेज मांगे. शिखा कोई भी पुख्ता प्रमाण पेश नहीं कर सकी. इसी बीच खबरें आईं कि रोहतक में तैनात एक अन्य शिखा ने बुलंदशहर के अधिकारियों से संपर्क कर जांच की मांग की, जिसके बाद हकीकत सामने आ गई. अब शिखा और उसके परिवार ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली है.

शिखा गौतम ने कहा- रोल नंबर नहीं देखा, सिर्फ नाम पढ़ा

अपनी गलती मानते हुए शिखा गौतम ने कहा कि उसने केवल रिजल्ट की PDF फाइल में अपना नाम देखा और बिना रोल नंबर चेक किए मान लिया कि उनका चयन हो गया है. इसी जल्दबाजी और भ्रम के कारण यह गलत जानकारी फैल गई. बाद में स्पष्ट हुआ कि जिस 113वीं रैंक पर उन्होंने दावा किया था, वह किसी दूसरी शिखा की है.

पिता बोले- पत्नी के ऑपरेशन में व्यस्त थे, बेटी की बात पर किया भरोसा

शिखा के पिता प्रेमचंद्र ने बताया कि जब रिजल्ट आया, तब वे घर पर नहीं थे. वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में बाहर गए हुए थे. बेटी ने फोन पर नाम देखकर चयन की खबर दी, जिस पर पूरे परिवार ने भरोसा कर लिया और खुशियां मनाईं. बाद में सच्चाई पता चलने पर परिवार को गहरा धक्का लगा है.

तो कौन है असली 113वीं रैंक की हकदार?

जानकारी के मुताबिक, 113वीं रैंक पर असल दावा दिल्ली की शिखा का है. वह वर्तमान में हरियाणा के रोहतक (सांपला) में ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) के पद पर कार्यरत हैं. दिल्ली से इकोनॉमिक्स ऑनर्स करने वाली इन शिखा का रिकॉर्ड भी शानदार रहा है. उन्होंने CDS में 7वीं रैंक हासिल की थी, लेकिन हरियाणा सिविल सेवा में चयन के कारण उसे जॉइन नहीं किया था. उन्होंने इस मामले में स्पष्टीकरण के लिए UPSC को ईमेल भी भेजा है. हालांकि, UPSC की ओर से अभी आधिकारिक मुहर लगना बाकी है.

इससे पहले रैंक-301 का विवाद भी रहा चर्चा में

गौरतलब है कि इसी साल रैंक-301 को लेकर भी ऐसा ही विवाद देखने को मिला था. गाजीपुर (UP) और आरा (बिहार) की दो आकांक्षा सिंह ने एक ही रैंक पर दावा किया था. उस मामले में UPSC ने स्पष्ट किया था कि रैंक-301 गाजीपुर की आकांक्षा सिंह (रोल नंबर 0856794) की है.

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