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कौन हैं बस ड्राइवर मोहम्मद इमामुद्दीन जिनसे अखिलेश यादव ने की मुलाकात?

कौन हैं बस ड्राइवर मोहम्मद इमामुद्दीन जिनसे अखिलेश यादव ने की मुलाकात?

UP Tak 1 week ago

CJP के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और संसद मार्च के बाद देश की राजनीति में एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है. प्रदर्शन भले ही खत्म हो गया हो लेकिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े हर छोटे-बड़े किरदार से व्यक्तिगत मुलाकात कर एक नया सियासी संदेश दे रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों को खाना-पानी खिलाने वाले जुनैद से मुलाकात के बाद अब अखिलेश यादव ने दिल्ली पुलिस की उस बस के ड्राइवर मोहम्मद इमामुद्दीन से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया है जिसमें डिटेन करने के बाद उन्हें और अन्य सांसदों को ले जाया गया था. अखिलेश यादव के इस कदम की सोशल मीडिया पर जहां समर्थक जमकर तारीफ कर रहे हैं. वहीं राजनीतिक हलकों में इसके सियासी मायनों की भी खूब चर्चा है.

क्या था पूरा मामला?

20 तारीख को CJP के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों के विरोध में विपक्षी दल सड़क पर उतरे थे. 21 तारीख को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीएम आवास के बाहर धरना दिया. बवाल बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और विपक्षी सांसदों को हिरासत (Detain) में ले लिया. हिरासत के दौरान पुलिस बस में बैठे अखिलेश यादव का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था जिसमें वह बस ड्राइवर से मुस्कुराते हुए पूछते हैं 'भैया, कहां ले जा रहे हो?'

छत्रसाल स्टेडियम तक का सफर और 'फ्री रोड शो'

पुलिस अखिलेश यादव और अन्य सांसदों को बस में बैठाकर छत्रसाल स्टेडियम ले गई जहां उन्हें कुछ घंटों के लिए रखा गया. जैसे ही अखिलेश यादव की हिरासत की खबर फैली, पूरे उत्तर प्रदेश में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. कुछ घंटों बाद जब उन्हें छोड़ा गया, तो उसी बस में सवार होकर अखिलेश यादव जब बाहर निकले, तो सड़क पर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा. समर्थकों ने सोशल मीडिया पर चुटकी लेते हुए इसे 'दिल्ली पुलिस की मेहरबानी से हुआ फ्री रोड शो करार दिया.'

क्यों खास बनी यह मुलाकात?

मोहम्मद इमामुद्दीन दिल्ली के रहने वाले एक साधारण बस ड्राइवर हैं. वह उस बस को चला रहे थे जिससे पुलिस अखिलेश यादव और सांसदों को छत्रसाल स्टेडियम ले गई थी और फिर वापस लेकर आई थी.

मुलाकात के बाद समर्थकों की प्रतिक्रिया

अखिलेश यादव ने दो दिन पहले इमामुद्दीन को आमंत्रित कर उनसे वन-टू-वन मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया. इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों ने लिखा 'यूं ही कोई अखिलेश यादव नहीं बन जाता. पुलिस हिरासत में जिस बस को इमामुद्दीन चला रहे थे, उन्हें सम्मानित कर अखिलेश यादव ने यह संदेश दिया है कि राजनीति अपनी जगह है. लेकिन ईमानदारी से मेहनत करने वाले हर व्यक्ति का सम्मान सबसे ऊपर होना चाहिए.' जुनैद के बाद इमामुद्दीन से इस मुलाकात को अखिलेश यादव की आम जनता से जुड़ने की एक बेहद मजबूत रणनीति माना जा रहा है.

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