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रिपोर्टर की नजर से: पहली ही बारिश में सड़के बनीं तालाब, रेंग रहे वाहन, गाजियाबाद से देखें यूपी Tak की Exclusive ग्राउंड रिपोर्ट

रिपोर्टर की नजर से: पहली ही बारिश में सड़के बनीं तालाब, रेंग रहे वाहन, गाजियाबाद से देखें यूपी Tak की Exclusive ग्राउंड रिपोर्ट

UP Tak 1 week ago

Ghaziabad Ground Report: गाजियाबाद में बीती देर रात से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. मॉनसून की पहली ही तेज बारिश ने सिविक एजेंसियों और नगर निगम के उन तमाम दावों की हवा निकाल दी है जिसमें नालों की सफाई और रेनी सीजन के लिए पूरी तैयारी होने की बात कही जा रही थी.

हालात की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है. सुबह के समय दफ्तर और जरूरी कामों के लिए निकले लोग घुटनों तक भरे पानी और बीच सड़क बंद होते वाहनों के कारण भारी मुसीबत का सामना करने को मजबूर हैं. इस बीच यूपी Tak की टीम ग्राउंड पर उतरी और जगह-जगह पर बारिश की वजह से लोगों को होने वाली परेशानियों को दिखाने की कोशिश की है.

सड़के बनीं तालाब, हेडलाइट जलाकर रेंग रहे वाहन

गाजियाबाद का सबसे व्यस्त रहने वाला रेलवे स्टेशन रोड पूरी तरह जलमग्न हो चुका है. सड़कों पर इतना पानी है कि दोपहिया वाहनों के पहिए पूरी तरह डूब चुके हैं. जलभराव के कारण सुबह के वक्त भी अंधेरा जैसा माहौल दिखा जिसके चलते चालकों को अपने वाहनों की हेडलाइट और पार्किंग लाइट जलाकर निकलना पड़ा. वाहनों के गुजरने से पानी में समंदर जैसी लहरें उठती दिखाई दे रही हैं. इसके अलावा साहिबाबाद, रेलवे रोड, श्याम पार्क मेट्रो स्टेशन और गोविंदपुरम से हापुड़ मार्ग को जोड़ने वाली सड़कों पर भी दोनों ओर भारी वॉटर लॉगिंग की स्थिति बनी हुई है.

पानी में छिपे गहरे गड्ढे दे रहे हादसों को दावत

सड़कों पर हुए इस भारी जलभराव के कारण स्थानीय लोगों में एक और बड़ा डर बना हुआ है. दरअसल, पानी भरने की वजह से सड़कों पर बने गहरे गड्ढे नजर नहीं आ रहे हैं. पूर्व में हो चुके निर्माण कार्यों और खोदे गए नालों की वजह से यह स्थिति और जानलेवा हो गई है जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.

ऑफिस जानें वाले लोगों को हो रही परेशानी

यूपी TAK की ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान जब रिपोर्टर मयंक गौड़ ने राहगीरों और दफ्तर जाने वाले लोगों से बात की तो उनका गुस्सा साफ तौर पर फूट पड़ा.

ऑफिस जाने वाली महिला कर्मचारी ने बताया कि 'सुबह 10 बजे का ऑफिस टाइम है. लेकिन सड़क पर इस कदर पानी भरा है कि निकलने का कोई रास्ता ही नहीं मिल रहा. हम पूरे भीग चुके हैं और कहीं सड़क दिखाई नहीं दे रही. अधिकारी तो हमेशा तैयारी पूरी होने के दावे करते हैं. लेकिन मुसीबत सिर्फ आम जनता को ही झेलनी पड़ती है.'

वहीं स्थानीय राहगीर कालीचरण ने बताया कि 'रात से ही लगातार पानी बरस रहा है. स्थिति बेहद खराब है, क्योंकि प्रशासन ने जगह-जगह नाले बनाने के लिए सड़कें खोद रखी हैं. यह पूरी तरह से प्रशासन की लापरवाही है.'

ड्यूटी पर जा रहे एक व्यक्ति ने यूपी Tak से बात करते हुए कहा कि 'पूरे रास्ते में समंदर जैसा पानी भरा हुआ है. जलभराव के कारण कोई रिक्शा या ऑटो तक मिलने को तैयार नहीं है. पैदल ही डूबते-भीगते हुए ड्यूटी के लिए जाना पड़ रहा है.'

स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल मॉनसून से पहले नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट दिखाया जाता है. लेकिन धरातल पर सच यही है कि पहली ही बारिश में गाजियाबाद की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है. लोग मांग कर रहे हैं कि पंप लगाकर तुरंत जल निकासी कराई जाए और इस सालाना समस्या का कोई स्थायी तकनीकी समाधान निकाला जाए.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: UP Tak