Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
8th Pay Commission: मेमोरेंडम जमा करने की आखिरी तारीख में फिर हुआ बदलाव,  क्या है नई डेडलाइ?

8th Pay Commission: मेमोरेंडम जमा करने की आखिरी तारीख में फिर हुआ बदलाव, क्या है नई डेडलाइ?

Upstox Hindi 1 week ago

8th Pay Commission: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission, 8th CPC) को रिप्रेजेंटेशन्स सबमिट करने की लास्ट डेट 15 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है, जिससे कर्मचारियों और संगठनों को अपनी मांगें और सुझाव पेश करने के लिए थोड़ा और समय मिल गया है।

इससे पहले, 8वें सीपीसी की वेबसाइट और संबंधित सूचना पर आधिकारिक अपडेट के अनुसार, ज्ञापन पेश करने की लास्ट डेट 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई थी। बाद में इसे संशोधित कर 31 मई तक बढ़ाया गया था, और अब इसे फिर से बढ़ा दिया गया है।

8वें सीपीसी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, '8वें केंद्रीय वेतन आयोग को ज्ञापन पेश करने की लास्ट डेट 1.06.2026 तक बढ़ा दी गई है। यह ज्ञापन पेश करने की आखिरी डेडलाइन है। आगे कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा।' आयोग ने क्लियर किया है कि केवल ऑनलाइन सबमिशन्स ही स्वीकार किए जाएंगे, और हार्ड कॉपी, ई-मेल या पीडीएफ सबमिशन्स स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

आयोग केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों (इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल), अखिल भारतीय सेवा कर्मियों, रक्षा कर्मियों, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों, इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों, नियामक निकायों के कर्मचारियों (आरबीआई को छोड़कर), सुप्रीम कोर्ट और हाइ कोर्ट के कर्मचारियों (जहां खर्च केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा वहन किया जाता है), अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों, पेंशनभोगियों, सेवा संघों, यूनियनों और विभिन्न केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों एवं विभागों सहित हितधारकों की एक वाइड रेंज से ज्ञापन और रिप्रेजेंटेशन्स आमंत्रित कर रहा है। पात्र व्यक्ति, संघ और नोडल अधिकारी संबंधित कैटेगरी के अंतर्गत एक संरचित प्रारूप (स्ट्रक्चर्ड फॉर्मैट) में आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपने रिस्पॉन्स पेश कर सकते हैं। 8वें वेतन आयोग का गठन भारत सरकार द्वारा 3 नवंबर, 2025 की अधिसूचना के जरिए किया गया था।

इसके जनादेश में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों (इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल), अखिल भारतीय सेवाओं, रक्षा कर्मियों, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों, इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स डिपार्टमेंट के कर्मचारियों, नियामक निकायों (आरबीआई को छोड़कर), साथ ही सुप्रीम कोर्ट, केंद्र शासित प्रदेशों के उच्च न्यायालयों और केंद्र शासित प्रदेशों की अधीनस्थ न्यायपालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित कर्मियों के व्यापक वर्ग के वेतन, भत्तों और अन्य लाभों की समीक्षा करना और संशोधन की सिफारिशें करना शामिल है। आयोग से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने गठन के 18 महीनों के अंदर अपनी सिफारिशें पेश करेगा।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Upstox Hindi