भारतीय शेयर बाजार के लिए आज 1 सितंबर का दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहा। आज शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद बाजार ने जल्द ही रिकवरी तो दिखाई थी, लेकिन बंद होने से पहले यह एक बार फिर लाल निशान पर चला गया।
आज के कारोबार में BSE Sensex में 12.99 अंकों की गिरावट रही और यह 76,944.28 के लेवल पर बंद हुआ है। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 24.60 अंकों की कमजोरी के साथ 24055.80 के लेवल पर आ गया। बता दें कि अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्रूड ऑयल के भाव में तेजी जारी है।
Maruti Suzuki समेत ये शेयर लुढ़के
आज के कारोबार में Sensex के 30 में से ज्यादातर शेयर लाल निशान पर बंद हुए। सबसे ज्यादा बिकवाली Maruti Suzuki, SBIN, IndiGo, Bajaj Finance और M&M के शेयरों में देखने को मिली। दूसरी तरफ ITC, HCL Tech, Bharti Airtel, Kotak Mahindra Bank और Infosys जैसे शेयर टॉप गेनर्स रहे।
आज NSE पर मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी नजर आई। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.39 फीसदी तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने भी 0.25 फीसदी की गिरावट दर्ज की।
ऑटो, फार्मा, PSU बैंक समेत कई सेक्टर्स में जबरदस्त बिकवाली
सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस की बात करें तो आज ज्यादातर इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए हैं। निफ्टी ऑटो, फार्मा, PSU बैंक, रियल्टी, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में करीब 1.50 फीसदी की गिरावट रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी करीब 1 फीसदी तक लुढ़क गया। इसके साथ ही निफ्टी मेटल इंडेक्स भी लाल निशान पर बंद हुआ है। दूसरी तरफ निफ्टी FMCG और IT इंडेक्स करीब 1 फीसदी तक बढ़ गए। मीडिया और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी हरे निशान पर बंद होने में कामयाब रहे।
शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव की क्या है वजह?
शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव के लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार रहे। अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी है। यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 7 फीसदी के अनुमान से भी ज्यादा है। इससे कुछ समय के लिए बाजार को सपोर्ट मिला।
हालांकि, दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरान के हमलों का जवाब देने का वादा किया और कहा, "हम उन पर जोरदार हमला करेंगे"। इन खबरों के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में आज 3.52 फीसदी की तेजी है और यह 91.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है।
31 अगस्त को FIIs ने 7985.88 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके अलावा 28 अगस्त को 5,039.80 करोड़ रुपये और 27 अगस्त को 298.26 करोड़ रुपये की बिकवाली देखी गई थी। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल भाषण के बाद बाजार में यह उम्मीद काफी बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दर बढ़ा सकता है। इन सभी वजहों से बाजार अंत में लाल निशान पर बंद हुआ।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

