ECLGS 5.0: वेस्ट एशिया में तनाव के दौरान केंद्र सरकार की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 कारोबारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना से खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को बड़ा फायदा मिल रहा है।
इसके तहत अब तक 4 लाख से ज्यादा लोन को सरकारी गारंटी मिल चुकी है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इन लोन की गारंटी वाली कुल राशि ₹1.55 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गई है।
MSME सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा
वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस योजना का सबसे बड़ा लाभ MSME सेक्टर को मिला है। जारी की गई कुल गारंटियों में करीब 98% MSMEs को दी गई हैं। वहीं, कुल गारंटी राशि का 82% हिस्सा भी इसी सेक्टर को मिला है। इससे छोटे और मध्यम कारोबारों को वित्तीय मदद मिलने में आसानी हुई है।
कारोबार को मिली नकदी की मदद
सरकार का कहना है कि ECLGS 5.0 का उद्देश्य उन कारोबारों को अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराना है, जो पश्चिम एशिया के जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से नकदी की कमी और कारोबारी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह योजना बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों का जोखिम कम करती है, जिससे वे कारोबारियों को आसानी से अतिरिक्त कर्ज दे सकें।
लोन पर मिलती है सरकारी गारंटी
इस योजना के तहत MSMEs को दिए जाने वाले अतिरिक्त लोन पर 100% सरकारी गारंटी मिलती है। वहीं, अन्य कारोबारी वर्गों के लिए अतिरिक्त लोन पर 90% गारंटी का प्रावधान है। इससे वित्तीय संस्थानों का भरोसा बढ़ता है और जरूरतमंद क्षेत्रों तक तेजी से फंड पहुंचाने में मदद मिलती है।
देशभर में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
वित्त मंत्रालय ने बताया कि योजना का अधिक से अधिक लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) देशभर में जागरूकता अभियान चला रहा है। इसका उद्देश्य पात्र कारोबारियों को योजना की जानकारी देना और यह सुनिश्चित करना है कि बैंक और अन्य ऋणदाता संस्थान इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू कर सकें।

