तेलंगाना सरकार ने श्रमिकों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। तेलंगाना सरकार ने श्रमिकों को कैश पेमेंट पर आधिकारिक रूप से बैन लगाते हुए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही अमेजन जैसे प्लैटफॉर्म के लिए काम करने वाले गिग यानी अस्थायी कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी के दायरे में लाया गया है।
श्रम प्रशासन पर एक नए सरकारी आदेश (जीओ) के तहत केंद्र सरकार की वेतन संहिता, 2019 के प्रावधान लागू हो गए हैं। इससे राज्य में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 पूरी तरह से निरस्त हो गया है और केंद्र सरकार की वेतन संहिता के प्रावधान लागू हो गए हैं। सोमवार को जारी सरकारी बयान में कहा गया, 'श्रमिकों को कैश पेमेंट पर पाबंदी लगाई जाती है। नियोक्ताओं को वेतन का भुगतान सीधे इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर (एनईएफटी/आरटीजीएस/आईएमपीएस) या बैंक चेक के जरिए करना होगा। इससे श्रम निरीक्षकों के लिए एक बेहतर रिकॉर्ड बनेगा और श्रमिक समूहों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।'
बयान के मुताबिक, स्ट्रक्चरल बिजनेस जरूरतों और सामाजिक सुरक्षा के बीच बैलेंस बनाकर, सरकारी आदेश (संख्या 6) एक 'सुंदर कानूनी संतुलन' बनाता है। यह आदेश श्रमिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया एक एकीकृत, पारदर्शी सिस्टम को लागू करता है। अधिसूचना में कंपनियों की लालफीताशाही को कम करने और प्रत्यक्ष अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सैकड़ों उद्योग-विशिष्ट अनुसूचियों को खत्म कर दिया गया है। इसके जगह, अधिसूचना में सभी नॉन-एग्रिकल्चरल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल इस्टेब्लिशमेंट्स को चार कौशल कैटेगरी में बांटा गया है।
न्यूनतम मजदूरी में कितना इजाफा?
अधिसूचना में न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के लिए श्रमिकों को चार कैटेगरी…अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और उच्च कुशल…में बांटा गया है। इसके साथ राज्य को तीन क्षेत्रों में बांटा गया है। क्षेत्र एक में नगर निगम, क्षेत्र दो में नगरपालिकाएं और क्षेत्र तीन में ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। क्षेत्र एक में, अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 12,750 रुपये से बढ़कर 16,000 रुपये हो गई है। अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 13,152 रुपये से बढ़कर 17,000 रुपये और कुशल श्रेणी के लिए 13,772 रुपये से बढ़कर 18,500 रुपये हो गई है। वहीं उच्च कुशल वर्ग के लिए वेतनमान 14,607 रुपये से 20,000 रुपये तक है। यह अधिसूचना सोमवार से प्रभावी हो गई है।
कितना मिलेगा ओवरटाइम?
आदेश में श्रमिकों के लिए अनुकूल कार्य परिस्थितियों सुनिश्चित करने की भी बात कही गयी है। मानक आठ घंटे के दैनिक कार्य घंटे के बाद किए गए किसी भी काम या सार्वजनिक छुट्टियों और वीकली ऑफ के दिनों पर अनुरोध किए गए काम के लिए मानक मजदूरी से दोगुने की दर से 'ओवरटाइम' के रूप में पारिश्रमिक दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
PTI इनपुट के साथ

