देश की सबसे बड़ी FMCG कंपनी Hindustan Unilever (HUL) ने बताया है कि उसकी बोर्ड मीटिंग 30 अप्रैल 2026 को होगी। इस मीटिंग में कंपनी अपने चौथी तिमाही (Q4) और पूरे वित्त वर्ष FY26 के रिजल्ट को मंजूरी देगी।
इसके साथ ही इसी दिन कंपनी शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड देने के प्रस्ताव पर भी फैसला लेगी। कंपनी के शेयरों 2 अप्रैल को 0.03 फीसदी की मामूली बढ़त देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 2065 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ है।
HUL ने फाइलिंग में क्या कहा?
HUL ने अपने आधिकारिक फाइलिंग में कहा है कि बोर्ड मीटिंग में ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड रिजल्ट्स पर चर्चा होगी, और अगर सब ठीक रहा तो निवेशकों के लिए डिविडेंड की सिफारिश भी की जा सकती है। इसके अलावा, उसी दिन रिजल्ट के बाद कंपनी एनालिस्ट्स और निवेशकों के साथ एक प्रेजेंटेशन भी करेगी, जिसमें आगे की रणनीति और परफॉर्मेंस पर बात होगी।
HUL के Q3 नतीजे
HUL के Q3 FY26 रिजल्ट की बात करें तो इसका कुल नेट प्रॉफिट ₹7,075 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 136% ज्यादा है। लेकिन अगर एक बार के फायदे को हटा दें, तो असली मुनाफा सिर्फ 1% ही बढ़ा है और ₹2,562 करोड़ रहा। इस बड़े प्रॉफिट की वजह ₹4,516 करोड़ का एक एक्सेप्शनल गेन था, जो आइसक्रीम बिजनेस को अलग करने से मिला।
₹113 करोड़ का एक बार का खर्च
HUL को ₹113 करोड़ का एक बार का खर्च भी उठाना पड़ा, जो नए लेबर कानून लागू होने से जुड़ा था। ऑपरेशन के हिसाब से कंपनी की रेवेन्यू करीब 4% बढ़कर ₹15,805 करोड़ हो गई, जबकि EBITDA 2% बढ़कर ₹3,640 करोड़ रहा। लेकिन EBITDA मार्जिन थोड़ा घटकर 23.3% हो गया, यानी कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर थोड़ा दबाव आया है।
HUL के शेयरों का प्रदर्शन
Hindustan Unilever के शेयरों में पिछले 1 महीने में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। वहीं पिछले 6 महीने में यह शेयर करीब 19 फीसदी टूट चुका है। इस साल अब तक इसमें 11 फीसदी की कमजोरी आ चुकी है। पिछले 1 साल में भी इसके निवेशकों को 8 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा है।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

