अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि आने वाले कुछ समय में यह टेंशन काफी हद तक कम हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत से कुछ पॉजिटिव नतीजे सामने आ सकते हैं।
इसके अलावा ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' का ऐलान किया है। क्या है प्रोजेक्ट फ्रीडम और कैसे इसका असर दुनिया के तमाम देशों पर देखने को मिल सकता है, चलिए समझते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'दुनिया के कई देशों ने, जिनमें से लगभग सभी मिडिल ईस्टर्न में चल रहे हिंसक विवाद में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, अमेरिका से पूछा है कि क्या हम उनके उन जहाजों को छुड़ाने में मदद कर सकते हैं जो होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए हैं, जबकि इस विवाद से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वे तो केवल तटस्थ और निर्दोष दर्शक हैं। ईरान, मिडिल ईस्ट और अमेरिका के हित में, हमने इन देशों को बताया है कि हम उनके जहाजों को इन प्रतिबंधित जलमार्गों से सुरक्षित रूप से बाहर निकालेंगे, ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपना काम कर सकें। फिर से बता दें, ये जहाज दुनिया के उन क्षेत्रों से हैं, जो मिडिल ईस्ट में चल रही घटनाओं से किसी भी तरह से जुड़े नहीं हैं।'
ट्रंप के ट्रुथ पोस्ट में आगे लिखा गया, 'मैंने अपने प्रतिनिधियों को उन्हें सूचित करने के लिए कहा है कि हम उनके जहाजों और चालक दल को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि वे तब तक वापस नहीं लौटेंगे जब तक कि यह एरिया शिपिंग और बाकी सभी कामों के लिए सुरक्षित नहीं हो जाता। यह प्रोसेस, 'प्रोजेक्ट फ्रीडम', मिडिल ईस्ट टाइम के मुताबिक सोमवार सुबह शुरू होगा। मुझे पूरी जानकारी है कि मेरे प्रतिनिधि ईरान के साथ बेहद सकारात्मक बातचीत कर रहे हैं, और इन बातचीत से सभी के लिए कुछ पॉजिटिव नतीजे निकल सकते हैं।'
इस पोस्ट में आगे लिखा गया, 'जहाजों की आवाजाही का उद्देश्य केवल उन लोगों, कंपनियों और देशों को मुक्त कराना है जिन्होंने कोई गलती नहीं की है, वे परिस्थितियों के शिकार हैं। यह अमेरिका, मिडिल ईस्टर्न देशों और खासतौर से ईरान की ओर से एक मानवीय पहल है। इनमें से कई जहाजों में भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी हो रही है, जो बड़े पैमाने पर चालक दल के स्वस्थ और स्वच्छ तरीके से रहने के लिए आवश्यक हैं। मेरा मानना है कि यह उन सभी लोगों के प्रति सद्भावना दिखाने में बहुत मददगार साबित होगा, जिन्होंने पिछले कई महीनों से काफी ज्यादा संघर्ष किया है। अगर किसी भी तरह से इस मानवीय प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया जाता है, तो दुर्भाग्यवश उस हस्तक्षेप से सख्ती से निपटना होगा। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।'

