डिजिटल लोन और फिनटेक के सेक्टर में काम करने वाली कंपनी ऑनईएमआई टेक्नोलॉजी का आईपीओ आज यानी 30 अप्रैल 2026 को निवेशकों के लिए ओपन हो गया है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए कुल 925.92 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।
यह आईपीओ फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल का मिला-जुला रूप है। इसमें 850 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि 75.92 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल के जरिए बेच रहे हैं।
आईपीओ की जरूरी तारीखें और लिस्टिंग
निवेशकों के लिए यह आईपीओ 30 अप्रैल से 5 मई 2026 तक खुला रहेगा। जो लोग इसमें निवेश करना चाहते हैं, उनके पास 5 मई तक का समय है। इसके बाद शेयरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके 6 मई 2026 को पूरा होने की संभावना है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 7 मई तक रिफंड दे दिया जाएगा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 8 मई 2026 को हो सकती है। यह पूरी प्रक्रिया काफी तेज रखी गई है ताकि निवेशकों को जल्द से जल्द लिस्टिंग का फायदा मिल सके।
कितना करना होगा कम से कम निवेश?
कंपनी ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड 162 रुपये से 171 रुपये प्रति शेयर के बीच रखा है। आईपीओ में निवेश के लिए लॉट साइज का नियम होता है और ऑनईएमआई टेक्नोलॉजी के लिए एक लॉट में 87 शेयर रखे गए हैं। अगर आप रिटेल कैटेगरी में दांव लगाना चाहते हैं, तो आपको कम से कम 14,877 रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, छोटे नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए कम से कम 14 लॉट यानी 1,218 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसकी कुल वैल्यू 2,08,278 रुपये बैठती है। बड़े निवेशकों के लिए 68 लॉट की सीमा तय की गई है, जिसके लिए 10,11,636 रुपये की जरूरत होगी।
क्या करती है कंपनी और कैसा है कामकाज?
साल 2016 में शुरू हुई ऑनईएमआई टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस लिमिटेड एक टेक्नोलॉजी आधारित कंपनी है जो भारत में डिजिटल लोन देने का काम करती है। आपने शायद 'किश्त' (Kissht) और 'रिंग' (Ring) जैसे मोबाइल ऐप्स के बारे में सुना होगा, ये इसी कंपनी के ब्रांड हैं। कंपनी ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापारियों को ग्राहकों के लिए क्रेडिट और ईएमआई पेमेंट की सुविधा देती है। कंपनी की पार्टनर एनबीएफसी, सी क्रेवा कैपिटल सर्विसेज, लोन बांटने और केवाईसी का काम संभालती है। आंकड़ों की बात करें तो दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास 63.73 मिलियन रजिस्टर्ड यूजर थे और इनका एयूएम यानी असेट अंडर मैनेजमेंट 59,557.53 मिलियन रुपये तक पहुंच चुका है।
जुटाए गए पैसों का क्या होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने साफ किया है कि वह आईपीओ से मिलने वाले 925 करोड़ रुपये से ज्यादा के फंड का इस्तेमाल कहां करेगी। इसमें से लगभग 637.50 करोड़ रुपये कंपनी अपनी सब्सिडियरी कंपनी सी क्रेवा के कैपिटल बेस को बढ़ाने में खर्च करेगी। इससे कंपनी को भविष्य में ज्यादा लोन बांटने और अपने बिजनेस को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा बाकी बची रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और कंपनी के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। कंपनी का फोकस फिलहाल अपने ऑपरेशन से रेवेन्यू को और बढ़ाने पर है।
पहले दिन का रिस्पॉन्स और जीएमपी
आईपीओ के पहले दिन दोपहर 11:55 बजे तक निवेशकों का रिस्पॉन्स मिला-जुला नजर आया है। यह अब तक कुल 0.11 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल कैटेगरी में इसे 0.03 गुना आवेदन मिले हैं, जबकि क्यूआईबी कैटेगरी में 0.27 गुना और एनआईआई में 0.06 गुना सब्सक्रिप्शन देखने को मिला है। ग्रे मार्केट की बात करें तो इसका जीएमपी फिलहाल 4.5 रुपये चल रहा है। 171 रुपये के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसकी लिस्टिंग 175.5 रुपये पर होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि फिलहाल निवेशक करीब 2.63 पर्सेंट के लिस्टिंग गेन की उम्मीद कर सकते हैं। आने वाले दिनों में यह आंकड़ा बदल भी सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

