भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उन निवेशकों के लिए एक बहुत जरूरी खबर जारी की है, जिन्होंने साल 2018 में सरकारी सोने की स्कीम यानी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में अपना पैसा लगाया था। 2018-19 सीरीज-I के बॉन्ड्स अब अपनी मैच्योरिटी की समय सीमा पूरी कर चुके हैं।
आरबीआई ने अब आधिकारिक तौर पर यह एलान कर दिया है कि इन बॉन्ड्स को वापस करने पर निवेशकों को प्रति यूनिट कितनी रकम मिलेगी।
रिडेम्पशन के लिए तय हुई कीमत
आरबीआई की ओर से जारी ताजा जानकारी के मुताबिक, 2018-19 सीरीज-I के सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए रिडेम्पशन की कीमत 14,901 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छी खबर है जिन्होंने आठ साल पहले सोने में निवेश का भरोसा जताया था। इस कीमत के तय होने के साथ ही अब निवेशकों को मिलने वाली कुल रकम का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि यह रिडेम्पशन 4 मई 2026 को होना तय हुआ है, जो कि इस बॉन्ड की आठ साल की अवधि खत्म होने की तारीख है।
कैसे तय हुआ सोने का यह भाव?
सोने के इस भाव को तय करने के पीछे एक खास तरीका अपनाया गया है। आरबीआई के नियमों के अनुसार, रिडेम्पशन की कीमत रिडेम्पशन की तारीख से पिछले तीन कामकाजी दिनों के सोने के क्लोजिंग भाव के औसत के आधार पर निकाली जाती है। यह भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा पब्लिश किया जाता है और यह 999 शुद्धता वाले सोने का होता है। इस बार की कीमत तय करने के लिए 28 अप्रैल, 29 अप्रैल और 30 अप्रैल 2026 के सोने के क्लोजिंग रेट्स का इस्तेमाल किया गया है। इन तीनों दिनों के भाव का सिंपल एवरेज निकालकर 14,901 रुपये का रेट निकाला गया है।
यह बॉन्ड सीरीज 4 मई 2018 को जारी की गई थी। सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये गोल्ड बॉन्ड जारी होने की तारीख से ठीक आठ साल बाद वापस लिए जाने थे। इसी वजह से 4 मई 2026 को इनकी आठ साल की मैच्योरिटी पूरी हो रही है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को हमेशा से ही सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माना गया है क्योंकि इसमें सोने की बढ़ती कीमत के साथ-साथ सरकारी सुरक्षा का भी फायदा मिलता है। अब जब मैच्योरिटी का समय आया है, तो निवेशकों को मार्केट रेट के हिसाब से काफी अच्छा पैसा मिलने वाला है। आरबीआई ने साफ किया है कि जिन निवेशकों के पास यह बॉन्ड सीरीज मौजूद है, उन्हें तय तारीख पर उनकी यूनिट्स के बदले पैसा बैंक खाते में मिल जाएगा। मैच्योरिटी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यह पैसा सीधा उन खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा जो बॉन्ड रिकॉर्ड में मौजूद हैं।

