फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी को अपने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन करने के लिए शेयरधारकों की आवश्यक मंजूरी नहीं मिल पाई है। इस संशोधन के जरिए कंपनी भारतीय स्वामित्व और कंट्रोल वाली कंपनी के रूप में मान्यता प्राप्त करना चाहती थी।
यह जानकारी एक्सचेंज में दाखिल की गई जानकारी के अनुसार है। गुरुवार यानी कि 21 मई को एक्सचेंज में दाखिल की गई जानकारी में स्विगी ने बताया कि आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन के प्रस्ताव को शेयरधारकों के 72.36%वोट मिले, जो आवश्यक सीमा से 2.65% कम है। ऐसे में आज स्विगी के शेयरों पर निवेशकों की नजरें टिकी होंगी।
स्विगी के शेयर 21 मई को 2.18% यानी कि 5.60 रुपये गिरकर 250.75 रुपये प्रति शेयर पर क्लोज हुए थे। आज भी स्विगी के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है। मार्केट ओपन होने के बाद स्विगी के शेयर .5% के आस-पास यानी कि 1 रुपये से ज्यादा फिसल गए और 250 रुपये के आस-पास ट्रेड होते नजर आ रहे हैं। पिछले एक महीने में स्विगी के शेयरों में 2.07% यानी कि 5.30 रुपये तक की गिरावट देखी गई है। वहीं पिछले एक महीने की बात करें तो शेयर 11.47% यानी कि 32.50 रुपये तक गिरे हैं। एक साल में शेयरों में 20.41% यानी कि 64.30 रुपये तक की गिरावट देखी गई है। कंपनी ने रिमोट ई-वोटिंग के जरिए डाक मतपत्र (पोस्टल बैलट) द्वारा शेयरधारकों से कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन और रेनान डी कास्त्रो एल्व्स पिंटो को गैर-कार्यकारी, गैर-स्वतंत्र नामित निदेशक के रूप में नियुक्त करने के लिए मंजूरी मांगी थी।
कैसे रहे थे Q4 नतीजे?
फूड डिलीवरी ऐप स्विगी ने 8 मई को फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के आखिरी क्वार्टर यानी कि मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए थे। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का नेट लॉस कम होकर 800 करोड़ रुपये पर आ गया है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 1,081 करोड़ रुपये था। चौथे तिमाही के नतीजों में Swiggy के रेवेन्यू में 44.7 फीसदी का उछाल आया और यह 6,383 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल की मार्च तिमाही में यह 4,410 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान EBITDA घाटा 697 करोड़ रुपये रहा, जबकि पहले यह 962 करोड़ रुपये था। इसके अलावा कंपनी का EBITDA में घाटा बढ़कर ₹697 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह घाटा ₹962 करोड़ था।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

