Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Tempsens Instruments की लिस्टिंग से क्या उम्मीदें, कब शेयर मार्केट में होगा डेब्यू?

Tempsens Instruments की लिस्टिंग से क्या उम्मीदें, कब शेयर मार्केट में होगा डेब्यू?

Upstox Hindi 2 weeks ago

टेंप्सेंस इंस्ट्रुमेंट्स आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह देखने को मिला था। 20 अगस्त को इसका सब्सक्रिप्शन विंडो खुला था और कुछ ही देर में यह पूरी तरह से सब्सक्राइब हो चुका था।

20 से 24 अगस्त के बीच निवेशकों ने जमकर इस आईपीओ में पैसा लगाया। 25 अगस्त को इसका अलॉटमेंट भी फाइनलाइज हो गया और जिन निवेशकों को इसके शेयर मिले, उन्हें अब इसकी लिस्टिंग का बेसब्री से इंतजार है। चलिए एक नजर डालते हैं कि कंपनी का बिजनेस कितना बड़ा है, इस आईपीओ के रिस्क फैक्टर्स क्या हैं और किन मजबूत पॉइंट्स को देखकर निवेशकों ने इस आईपीओ में इतना भरोसा दिखाया है।

Priority Jewels IPO: कल्याण ज्वेलर्स जैसे दिग्गज क्लाइंट्स

टेंप्सेंस इंस्ट्रुमेंट्स (इंडिया) लिमिटेड का IPO अब बंद हो चुका है। कंपनी का 650 करोड़ रुपये का इश्यू 20-24 अगस्त 2026 के दौरान आया था और इसका प्राइस बैंड 285-300 रुपये प्रति शेयर था। एक लॉट में 50 शेयर थे, यानी ऊपरी प्राइस बैंड पर मिनिमम इन्वेस्टमेंट 15,000 रुपये था। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट होने वाले हैं।

कंपनी क्या करती है?

टेंप्सेंस इंस्ट्रुमेंट्स थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल का बिजनेस करती है। कंपनी मुख्य रूप से टेंपरेचर सेंसिंग सॉल्यूशन्स, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशन्स और स्पेशलाइज्ड केबल्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स मेटल, पेट्रोकेमिकल, पावर, डिफेंस एंड न्यूक्लियर, ग्लास, प्लास्टिक्स और अन्य इंडस्ट्रियल सेक्टरों में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी की खास बात यह है कि इसका कारोबार केवल एक प्रोडक्ट तक सीमित नहीं है, हालांकि टेंपरेचर सेंसिंग से ही अभी भी सबसे बड़ा रेवेन्यू का हिस्सा आता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में रेवेन्यू में टेंपरेचर सेंसिंग सॉल्यूशन्स की हिस्सेदारी 44.59%, स्पेशलाइज्ड केबल्स की 34.71% और इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशन्स की 20.70% थी।

महिलाओं का गोल्ड ईटीएफ निवेश में बढ़ा भरोसा

क्या कहते हैं वित्तीय आंकड़े?

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों में पिछले तीन सालों में अच्छी ग्रोथ दिखाई देती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 17.5% बढ़ा, जबकि PAT करीब 13.6% बढ़ा। EBITDA भी लगभग 16.3% बढ़कर 113.17 करोड़ रुपये हुआ। हालांकि, एक बात ध्यान देने वाली है, फाइनेंशियल ईयर 2026 में PAT मार्जिन 16.36% से घटकर 15.59% और EBITDA मार्जिन 25.45% से घटकर 24.83% हुआ। यानी मुनाफा बढ़ा है, लेकिन मार्जिन एक्सपैंशन लगातार नहीं हुआ है। 31 मार्च 2026 को कंपनी की नेट वर्थ करीब 496.89 करोड़ रुपये थी।डेट/इक्विटी रेशियो केवल 0.15 था, जो बहुत ज्यादा लेवरेज नहीं दिखाता। ROCE 21.61% और ROE 13.54% रहा। कंपनी का कुल कर्ज फाइनेंशियल ईयर 2026 में करीब 77.95 करोड़ रुपये था। कैपिटल स्ट्रक्चर में में इक्विटी की हिस्सेदारी मजबूत है।

IPO से जुटाए फंड का क्या करेगी कंपनी?

650 करोड़ रुपये के कुल IPO में लगभग 95 करोड़ रुपये फ्रेश इश्यू और 555 करोड़ रुपये ऑफर फॉर सेल था। यानी कुल इश्यू का बड़ा हिस्सा OFS है। कंपनी को OFS से मिलने वाली रकम नहीं मिलेगी, यह पैसा उन शेयरहोल्डर्स के पास जाएगा, जिन्होंने अपने शेयर्स बेचे हैं। फ्रेश इश्यू से मिले फंड का इस्तेमाल इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशन्स और स्पेशलाइज्ड केबल सॉल्यूशन्स के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर, कुछ कर्जों की प्रिपेमेंट या रिपेमेंट करने के लिए किया जाएगा, जबकि कुछ फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।

इस आईपीओ के प्रमुख रिस्क फैक्टर्स

1- प्रोजेक्ट्स/OEM कारोबार पर ज्यादा निर्भरताः फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी के रेवेन्यू का 67.55% प्रोजेक्ट्स/OEM बिजनेस से आया, जबकि MRO बिजनेस का योगदान 32.45% था। बड़े प्रोजेक्ट् ऑर्डर्स की टाइमिंग और वॉल्यूम में उतार-चढ़ाव होने पर रेवेन्यू और कैश फ्लो प्रभावित हो सकते हैं।

2. मेटल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर पर निर्भरता: फाइनेंशियल ईयर 2026 में मेटल और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज मिलकर रेवेन्यू का करीब 41.13% हिस्सा थीं। इन सेक्टरों में स्लोडाउन या कैपिटल एक्सपेंडिचर में कटौती से कंपनी की डिमांड प्रभावित हो सकती है।

3. एक प्रोडक्ट्स पर फ्यूचर की ज्यादा निर्भरता: रेलवे प्रोपल्शन उपकरण का बड़ा ऑर्डर बुक पॉजिटिव है, लेकिन कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक भविष्य में प्रोपल्शन उपकरण रेवेन्यू का बड़ा कंट्रीब्यूटर बन सकता है। इससे एक प्रोडक्ट/कस्टमर इकोसिस्टम पर ध्यान बढ़ने का जोखिम पैदा होता है।

इसके अलावा भी कुछ अन्य जोखिमों का जिक्र आरएचपी में है। अब एक नजर डालते हैं कंपनी के मजबूत पॉइंट्स पर-

1- मजबूत प्रॉफिटिबिलिटीः फाइनेंशियल ईयर 2026 में EBITDA मार्जिन करीब 24.83% और PAT मार्जिन 15.59% रहा।

2- कम लेवरेजः डेट/इक्विटी करीब 0.15 है।

3- इंडियन रेलवे की बड़ी ऑर्डर अपॉर्चुनिटीः 564 प्रोपल्शन इक्विपमेंट का 921.64 करोड़ रुपये की एग्जिक्यूटेबल ऑर्डर बुक कंपनी के मौजूदा रेवेन्यू बेस की तुलना में काफी बड़ा है।

4- कंपनी मेटल, पेट्रोकेमिकल के अलावा डिफेंस एंड न्यूक्लियर, पावर, ग्लास, प्लास्टिक्स और अन्य सेक्टरों में भी काम करती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Upstox Hindi