उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) क्या कोई बहुत बड़ा फैसला लेने जा रही है? दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर भरोसा करें तो आने वाले दिनों में सीएम योगी का सियासी कद और ताकत काफी बढ़ सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी अपनी सबसे ताकतवर और सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था यानी ‘बीजेपी संसदीय बोर्ड’ में बड़ा फेरबदल करने की योजना बना रही है। इसके तहत बीजेपी संसदीय बोर्ड का विस्तार करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। आपको बता दें कि इस समय बीजेपी संसदीय बोर्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कुल 12 बड़े नेता शामिल हैं। बीजेपी के लिए सुप्रीम फैसले लेने वाली यह बॉडी देश में होने वाले आगामी लोकसभा, विधानसभा और अन्य सभी महत्वपूर्ण चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों का अंतिम चयन करती है।
बीजेपी की दिशा और दशा तय करता है यह बोर्ड
चुनाव जीतने के बाद राज्यों में मुख्यमंत्री या विधायक दल का नेता कौन बनेगा, इसका अंतिम निर्णय भी बीजेपी संसदीय बोर्ड ही लेता है। एक तरह से बीजेपी की पूरी राजनीतिक दिशा और दशा तय करने का काम यही बोर्ड करता है। अब सूत्रों की मानें तो बीजेपी जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपनी इस सर्वोच्च संस्था में शामिल कर सकती है। सीएम योगी के पास बड़े पैमाने पर जनता को राजनैतिक रूप से एकजुट करने का जबरदस्त हुनर है, जबकि देवेंद्र फडणवीस अपनी मजबूत प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं।
राहुल गांधी के काट के रूप में युवाओं को साधने की रणनीति
एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि दोनों ही नेताओं की उम्र लगभग कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आसपास ही है। राहुल गांधी लगातार खुद को एक ऐसे युवा नेता के तौर पर पेश करते रहे हैं जो देश के युवा भारत और खासकर ‘GenZ’ (नई पीढ़ी) के साथ कनेक्ट करना चाहते हैं। इसी कड़ी में बीजेपी ने भी युवा वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए सीएम योगी और देवेंद्र फडणवीस जैसे प्रभावी चेहरों पर दांव लगाने की रणनीति बनाई है।
राहुल गांधी पर सीएम योगी का तीखा हमला
इसके अलावा, सीएम योगी इन दिनों जिस आक्रामक अंदाज में राहुल गांधी के बयानों का जवाब दे रहे हैं, वह भी खासा चर्चा में है। कुछ दिनों पहले राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान के बाद सीएम योगी ने जिस तरह से पलटवार किया, उसने सियासी पारे को बढ़ा दिया है।
सीएम योगी के उस बयान की गूंज हर तरफ सुनाई दी, जिसमें उन्होंने कहा था- “मैं श्री राहुल गांधी जी का एक बयान पढ़ रहा था। महाराष्ट्र के अंदर उन्होंने बयान दिया कि ‘महिलाएं मनुस्मृति के बंधनों को तोड़कर बाहर आ जाएं।’ राहुल जी, एक व्यक्ति के रूप में देश आपसे बहुत ज्यादा अपेक्षाएं नहीं रखता है, कोई उम्मीद नहीं करता है। लेकिन भारत की संसद में, देश की सर्वोच्च पंचायत में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आपकी देश के लोकतंत्र के प्रति जवाबदेही बनती है। आपने भारत के संविधान की शपथ ली थी। संविधान की शपथ लेकर भारत की महान परंपरा और विरासत को कोसना आप अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं।”

