इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स का टशन और चमक-धमक भरी जिंदगी… लेकिन इस रंगीन पर्दे के पीछे चल रहा था ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली का एक बड़ा खेल। सूरत पुलिस ने सोशल मीडिया की चर्चित और विवादित इन्फ्लुएंसर कीर्ति पटेल पर शिकंजा कसते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
कीर्ति पर एक शख्स को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर करोड़ों रुपये ऐंठने का बेहद गंभीर आरोप लगा है।
दरअसल यह पूरा मामला सूरत के पुणा पुलिस स्टेशन इलाके का है। शिकायतकर्ता राजू बोमर की तहरीर पर पुलिस ने जब मामले की परतें उधेड़ना शुरू किया, तो खाकी भी हैरान रह गई। आरोप है कि कीर्ति पटेल और उसकी साथी नैना भरवाड़ ने मिलकर ब्लैकमेलिंग का ऐसा ताना-बाना बुना, जिसमें पीड़ित पिछले डेढ़ साल से घुट-घुटकर जीने को मजबूर था।
रेप केस निपटाने के नाम पर शुरू हुआ खेल
मामले की शुरुआत एक रेप केस को सुलझाने के नाम पर हुई थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने सबसे पहले मामला रफा-दफा करने के एवज में 12 लाख रुपये की तुरंत मांग रखी। पीड़ित ने डर के मारे पैसे दे भी दिए, लेकिन ब्लैकमेलरों की भूख यहीं खत्म नहीं हुई। इसके बाद तो धमकी और वसूली का सिलसिला सा चल पड़ा। पिछले डेढ़ साल के भीतर डरा-धमकाकर अलग-अलग किश्तों में कुल 3.12 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम वसूल कर ली गई।
जब पानी सिर से ऊपर निकल गया और धमकियां थमने का नाम नहीं ले रही थीं, तब जाकर पीड़ित ने हिम्मत जुटाई और सूरत पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने मामले की नजाकत को समझते हुए तुरंत जांच बिठाई और शुरुआती सबूत मिलते ही कार्रवाई तेज कर दी।
पुलिस का शिकंजा और कानूनी धाराएं
डीसीपी आलोक कुमार के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 296(B), मानहानि, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
जांच के दौरान जब ब्लैकमेलिंग और पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत हाथ लगे, तो पुलिस ने अदालत में रिपोर्ट पेश कर मामले में सख्त ‘जबरन वसूली’ (Extortion) की धारा भी जोड़ दी। इसके बाद सूरत पुलिस की टीम ने लोकेशन ट्रैक कर कीर्ति पटेल को जूनागढ़ से दबोच लिया और सूरत ले आई, जहां उसकी औपचारिक गिरफ्तारी दिखाई गई।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ, कई और राज खुलने की उम्मीद
फिलहाल पुलिस आरोपी इन्फ्लुएंसर को अदालत में पेश करने की तैयारी में जुटी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) की अगुवाई में जांच टीम बनाई गई है। पुलिस कोर्ट से कीर्ति पटेल की रिमांड हासिल करने की कोशिश करेगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में इस ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। खाकी को शक है कि इस गिरोह ने कुछ अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया होगा। इसके अलावा ऐंठी गई करोड़ों रुपये की राशि की रिकवरी करना भी पुलिस की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।

