नई दिल्ली: अगर आप केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सरकार ने अब कर्मचारियों के प्रमोशन और अप्रेजल (सालाना परफॉर्मेंस रिपोर्ट) को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
अब हर साल एक खास ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी भूमिका से जुड़े कोर्स पूरे करना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो इसका सीधा असर आपकी सालाना परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर पड़ेगा।
सदन में मंत्री ने क्या दी जानकारी?
हाल ही में राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए 'एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण' (iGOT) पोर्टल पर योग्यता-आधारित कोर्स करना जरूरी कर दिया है।
यह कोर्स कर्मचारी के पद और जिम्मेदारी के हिसाब से तय किए जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कोर्स को पूरा करने की जानकारी उनकी 'सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट' (APAR) में भी दर्ज की जाएगी। इसका मतलब साफ है कि अब आपका अप्रेजल सिर्फ काम के आधार पर नहीं, बल्कि इन ट्रेनिंग कोर्स को पूरा करने की सक्रियता पर भी निर्भर करेगा।
8वें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार
ट्रेनिंग के इन नए नियमों के बीच केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने नवंबर 2025 में इस आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2027 की पहली छमाही तक आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा। इसके बाद, सरकार इन सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से बैकडेट में लागू कर सकती है, जिससे कर्मचारियों को एरियर के रूप में एक मोटी रकम मिलने की उम्मीद है।
24 अप्रैल को होने वाली है बड़ी मीटिंग
8वें वेतन आयोग की हलचल अब तेज हो गई है। आयोग ने घोषणा की है कि वह वेतन, भत्ते और सेवा मामलों पर चर्चा के लिए विभिन्न हितधारकों (Stakeholders) के साथ बैठक करेगा। इसी कड़ी में आयोग की टीम 24 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का दौरा करेगी।
30 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, जो भी सरकारी संगठन, संस्थान या यूनियन इस टीम से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें पहले से अपॉइंटमेंट लेना होगा। इसके लिए इच्छुक समूहों को 10 अप्रैल 2026 तक अपना अनुरोध जमा करने के लिए कहा गया है। यह दौरा कर्मचारियों की मांगों को समझने और नए वेतन ढांचे को अंतिम रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

