केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाले अगले दो महीने बेहद खास और महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इन दो महीनों के भीतर ना सिर्फ केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) पर अंतिम फैसला लिया जाएगा, बल्कि 8वें वेतन आयोग की भी कई अहम बैठकें आयोजित होने वाली हैं।
माना जा रहा है कि इन उच्चस्तरीय बैठकों के बाद वेतन आयोग कर्मचारियों के हित में कुछ बड़े फैसले ले सकता है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते में होने वाली बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो केंद्र सरकार दशहरे तक इसका औपचारिक ऐलान कर सकती है। इस साल दशहरा 20 अक्टूबर को है, जिसका सीधा मतलब है कि 20 अक्टूबर से पहले कर्मचारियों के लिए DA का ऐलान हो सकता है। आपको बता दें कि सरकार द्वारा DA की दर साल में दो बार एक तय फॉर्मूले के आधार पर बदली जाती है, जो श्रम ब्यूरो के ‘ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स’ (AICPI-IW) के आंकड़ों से जुड़ी होती है।
3% और बढ़ेगा DA, बढ़कर हो जाएगा 63%
इससे पहले सरकार ने 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी करते हुए इसे 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया था। इसके साथ ही पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत यानी DR को भी बढ़ाकर 60% किया गया था।
अब कयास लगाए जा रहे हैं कि जुलाई साइकिल के लिए इसमें 3 प्रतिशत की और बढ़ोतरी होगी। अगर यह बढ़ोतरी होती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का जुलाई से दिसंबर 2026 तक का कुल DA बढ़कर 63% के स्तर पर पहुंच जाएगा।
8वें वेतन आयोग की बैठकों का दौर जारी
दूसरी तरफ, 8वें वेतन आयोग के गठन को अब लगभग 10 महीने पूरे होने वाले हैं। अपनी स्थापना के 10 महीने बीत जाने के बाद आयोग अब अपनी प्राथमिक रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जानकारों और कर्मचारी यूनियनों के अनुसार, वेतन आयोग का विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ परामर्श और बैठकों का अंतिम दौर चल रहा है।
आयोग की बैठकों का आगामी शेड्यूल कुछ इस तरह तय किया गया है:
- 9 सितंबर को पुडुचेरी में महत्वपूर्ण बातचीत होगी।
- 16 से 18 सितंबर तक चंडीगढ़ में परामर्श सत्र आयोजित किया जाएगा।
- 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में अंतिम दौर की बातचीत होगी।
इन सभी क्षेत्रीय बैठकों के संपन्न होने के बाद पूरी संभावना है कि आयोग अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देगा और अगले साल जनवरी तक सरकार को अपनी अंतरिम रिपोर्ट (Interim Report) सौंप सकता है।
जानिए कब आएगी फाइनल रिपोर्ट और क्या हैं मांगें?
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक रूप से 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला यह आयोग केंद्र सरकार द्वारा एक अस्थायी संस्था के रूप में स्थापित किया गया है। यह आयोग संबंधित सरकारी निकायों, पेंशनभोगी यूनियनों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद सरकार को अपनी अंतिम सिफारिशें सौंपेगा।
इसके मुख्य दायरे में कर्मचारियों के वेतन (Basic Pay), भत्ते (Allowances), पेंशन और सेवा शर्तों में सुधार जैसे अहम विषय शामिल हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वेतन आयोग अपनी फाइनल रिपोर्ट मई-जून 2027 तक सरकार के समक्ष पेश कर देगा।
कर्मचारियों की सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों या पेंशन में कितना इजाफा होगा, यह पूरी तरह से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और उन पर केंद्र सरकार द्वारा लिए गए अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। इतिहास पर नजर डालें तो छठे और सातवें वेतन आयोग के दौरान फिटमेंट फैक्टर क्रमशः 1.86 और 2.57 तय किए गए थे। हालांकि, 8वें वेतन आयोग के लिए BPMS, NC(JCM) और AIDEF जैसे प्रमुख कर्मचारी संगठन व यूनियनें 3 से लेकर 4 तक के फिटमेंट फैक्टर की जोरदार मांग कर रहे हैं।

