इस्लामाबाद: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव ने अब पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है। ईरान द्वारा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बंद किए जाने के बाद से दुनियाभर में ईंधन का संकट गहरा गया है।
जहां भारत जैसे पड़ोसी देश अपनी तेल और गैस की जरूरतों को पूरा करने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं, वहीं पाकिस्तान इस संकट के आगे घुटने टेकने को मजबूर हो गया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश में ऊर्जा बचाने के लिए 'स्मार्ट लॉकडाउन' लागू करने का बड़ा फैसला किया है।
रात 8 बजते ही थम जाएगा पाकिस्तान
शहबाज शरीफ ने प्रांतीय मुख्यमंत्रियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की, जिसमें पेट्रोलियम उत्पादों की खपत कम करने और बिजली बचाने के लिए कड़े कदम उठाए गए। रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, इस्लामाबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके (PoK) में सभी बाजार, शॉपिंग मॉल और कमर्शियल सेंटर आज रात 8:00 बजे तक हर हाल में बंद करने होंगे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह पाबंदी मंगलवार यानी आज रात से ही पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी।
कहां कितनी छूट और किन पर रहेगी नजर?
शहबाज प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए नियमों में मामूली बदलाव भी किए हैं। खैबर पख्तूनख्वा के संभागीय मुख्यालयों में बाजार रात 9:00 बजे तक खुले रह सकते हैं। हालांकि, सभी जनरल स्टोर और डिपार्टमेंटल स्टोर्स को रात 8:00 बजे ही शटर गिराने होंगे। खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी बुरी खबर है; बेकरी, रेस्तरां, मैरिज हॉल और अन्य फूड आउटलेट्स रात 10:00 बजे के बाद काम नहीं कर सकेंगे। सरकार ने निजी घरों में भी रात 10:00 बजे के बाद शादी समारोह आयोजित करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे, ट्रांसपोर्ट पर बड़ी घोषणा
इस 'स्मार्ट लॉकडाउन' के बीच राहत की बात सिर्फ इतनी है कि मेडिकल स्टोर और फार्मेसियों को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है, ताकि मरीजों को दिक्कत न हो। इसके अलावा, महंगाई की मार झेल रही जनता को लुभाने के लिए शहबाज शरीफ ने घोषणा की है कि गिलगित और मुजफ्फराबाद शहरों में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) एक महीने तक बिल्कुल मुफ्त रहेगा। इसका पूरा खर्च पाकिस्तान सरकार उठाएगी।
क्यों पड़ी लॉकडाउन की जरूरत?
ईरान-जंगल के चलते सप्लाई चेन बाधित होने से पाकिस्तान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की भारी किल्लत हो गई है। बैठक में उप प्रधानमंत्री इशाक डार और योजना मंत्री अहसान इकबाल भी मौजूद थे, जहां यह माना गया कि अगर तेल की खपत कम नहीं की गई, तो देश में अंधेरा छा सकता है। भारत और बांग्लादेश जैसे देशों ने समय रहते बैकअप प्लान तैयार कर लिया था, लेकिन पाकिस्तान की आर्थिक हालत ने उसे इस स्थिति में ला खड़ा किया है कि अब उसे अपना देश 'बंद' करना पड़ रहा है।

