राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में शुक्रवार रात भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि ऊँची इमारतों में रहने वाले लोग तुरंत नीचे की ओर भागे।
दिल्ली के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में भी धरती हिलने की खबरें हैं। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोग दहशत में आ गए और काफी देर तक घरों के बाहर ही खड़े रहे। सोशल मीडिया पर भी 'Earthquake' ट्रेंड करने लगा और लोगों ने पंखे और झूमर हिलने के वीडियो साझा किए।
कहां था भूकंप का केंद्र?
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा के पास हिंदू कुश क्षेत्र में जमीन से लगभग 175 किलोमीटर की गहराई में था। 'कश्मीर वेदर' और नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 36.52 डिग्री उत्तर अक्षांश और 71.01 डिग्री पूर्व देशांतर पर स्थित था। गहराई अधिक होने के कारण इसके झटके दूर-दराज के इलाकों जैसे पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) और उत्तर भारत के मैदानी राज्यों तक महसूस किए गए।
उत्तर भारत के राज्यों में दहशत का माहौल
भूकंप के झटके रात के करीब 9:45 से 9:50 के बीच महसूस किए गए। जम्मू-कश्मीर की घाटी में रहने वाले लोगों के लिए यह अनुभव काफी डरावना था। श्रीनगर से लेकर पुंछ और उधमपुर तक, लोग कड़कड़ाती ठंड के बावजूद खुले मैदानों में जमा हो गए। गनीमत यह रही कि अभी तक किसी भी जान-माल के बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी बेल्ट में फॉल्ट लाइन्स सक्रिय होने के कारण इस तरह के झटके बार-बार महसूस किए जा रहे हैं।

