मौसम विभाग (IMD) ने देश के लगभग हर हिस्से के लिए मानसून का बड़ा अलर्ट जारी कर दिया है। अगले कुछ दिनों तक घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि 4 जुलाई से 10 जुलाई के बीच देश के ज्यादातर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
पूर्वी भारत से लेकर पहाड़ी राज्यों तक, मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आइए जानते हैं आपके राज्य का मौसम क्या कहता है।
पूर्वी भारत में मानसून का जबरदस्त असर
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी भारत के राज्यों में बारिश का बड़ा दौर शुरू होने वाला है। झारखंड में 4 से 10 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, साथ ही 4 जुलाई को बिजली कड़कने और 4 से 8 जुलाई के बीच 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। बिहार में भी 4 से 10 जुलाई के बीच छिटपुट से लेकर हल्की बारिश होगी, लेकिन 6-7 और 10 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, ओडिशा में 4-5 जुलाई और पश्चिम बंगाल में 5 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
उत्तर भारत और दिल्ली-NCR का हाल
उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई के बीच बारिश का जोर रहेगा, जबकि दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 6 से 8 जुलाई के बीच मानसून रफ्तार पकड़ेगा। इन राज्यों में 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। वहीं, राजस्थान में भी 4 से 9 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ी और मध्य भारत में भारी तबाही की चेतावनी
पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 10 जुलाई तक लगातार बारिश होगी। उत्तराखंड में 5 जुलाई और हिमाचल में 6-7 जुलाई के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। मध्य प्रदेश में भी 4 से 10 जुलाई के बीच भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी 4 से 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
तटीय इलाकों और दक्षिण भारत में रेड अलर्ट
महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा और मुंबई में 4 से 7 जुलाई के बीच अत्यंत भारी बारिश का खतरा है। गुजरात में भी 4 से 7 जुलाई के दौरान रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। इसके अलावा, तेलंगाना में 4 जुलाई को तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 जुलाई और केरल में 6-7 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी असम और मेघालय में 7 से 9 जुलाई के बीच बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रहने वाली है।

