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देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड! अग्निवीरों के लिए सीएम धामी ने खोला खुशियों का पिटारा

देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड! अग्निवीरों के लिए सीएम धामी ने खोला खुशियों का पिटारा

UPUK Live 1 week ago

त्तराखंड सरकार ने सैनिक कल्याण के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व मिसाल कायम की है, जो अब देश के अन्य सभी राज्यों के लिए एक बड़ा मॉडल बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित प्रदेश कैबिनेट बैठक में सेना में 4 साल की सेवाएं पूरी करने के बाद घर लौटने वाले जांबाज अग्निवीरों के लिए एक विशेष 'रोजगार सेल' गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

इस क्रांतिकारी और दूरगामी फैसले के साथ ही उत्तराखंड पूरे देश में अग्निवीरों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार के लिए एक समर्पित सेल बनाने वाला पहला राज्य बन गया है।

अग्निवीरों के करियर को मिलेगी नई उड़ान

अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य को पूरी तरह सुरक्षित करने के उद्देश्य से धामी कैबिनेट ने इस विशेष रोजगार सेल को अपनी स्वीकृति दी है। यह सेल सेना से लौटने के बाद उन्हें सम्मानजनक रोजगार दिलाने में सीधे तौर पर मदद करेगा।

इसके अलावा, राज्य सरकार ने पूर्व में ही एक ऐतिहासिक नीतिगत निर्णय लेते हुए अग्निवीरों को राज्य की सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है। इस दोहरे प्रयास से अग्निवीरों को अपनी सैन्य सेवा पूरी करने के बाद करियर के कई बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प मिल सकेंगे।

नेपाल जल आपदा, भारत ने भेजी 47.5 टन राहत सामग्री

इसी बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल जल आपदा को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक की। भारत ने पड़ोसी देश नेपाल की मदद के लिए 47.5 टन राहत सामग्री की खेप रवाना की है।

शहीदों के सम्मान में अनुग्रह राशि में बंपर बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीद परिवारों के सम्मान तथा कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसी कड़ी में, कैबिनेट बैठक में शहीदों के परिवारों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए अनुग्रह राशि में भारी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है।

अब परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 1.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 2 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही, अन्य सभी श्रेणी के वीर बलिदानियों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को भी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जवानों की वीरता और बलिदान की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए वीर शहीदों की भव्य प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी।

आश्रितों को सरकारी नौकरी और नियमों में बड़ी ढील

सैनिकों और उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए धामी सरकार हर बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे रही है। अब तक ऐसे 28 पात्र आश्रितों को सरकारी सेवा में सफलतापूर्वक समायोजित किया जा चुका है। आश्रितों के हितों का विशेष ध्यान रखते हुए सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की समय सीमा को भी 2 साल से बढ़ाकर अब 5 साल कर दिया गया है।

नेपाल बाढ़ में फंसे तमिलों का रेस्क्यू

उधर, नेपाल बाढ़ में फंसे तमिलनाडु के नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन के निर्देश पर आईएएस अधिकारी आशीष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम भेजी गई है जो राहत व बचाव कार्य में जुटी है।

जमीन खरीद पर स्टांप शुल्क में छूट और धोखाधड़ी से सुरक्षा

उत्तराखंड सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों को हर संभव आर्थिक राहत पहुंचाने का काम कर रही है। वर्तमान में सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति या भूमि की खरीद करने पर लगने वाले स्टांप शुल्क में सीधे 25 प्रतिशत की बड़ी छूट दी जा रही है। इसके साथ ही, सैनिकों और पूर्व सैनिक परिवारों को भूमि धोखाधड़ी के मामलों से बचाने और जिला अदालतों में लंबे समय से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कर न्याय दिलाने के लिए सरकार ने विशेष कानूनी कदम उठाए हैं।

देहरादून का ‘सैन्य धाम’ बनकर तैयार, जल्द होगा लोकार्पण

उत्तराखंड के अमर शहीदों की पावन स्मृति में राजधानी देहरादून में ‘सैन्य धाम’ का निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुका है और अब जल्द ही इसके भव्य लोकार्पण की तैयारी की जा रही है। धामी सरकार ने इस सैन्य धाम के निर्माण के लिए प्रदेश के सभी बलिदानियों के घर-आंगन की पवित्र मिट्टी को पूरे सम्मान के साथ लाकर यहां स्थापित किया है। इस भव्य परिसर में राज्य के सभी वीर बलिदानियों की शौर्य गाथाएं भी स्वर्णिम अक्षरों में उकेरी गई हैं। सीएम धामी के अनुसार, यह सैन्य धाम हमारी समृद्ध सैन्य विरासत और अदम्य साहस का एक जीवंत प्रतीक बनेगा।

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