समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को देश के सामने 'सबसे बड़ा संकट' करार दिया है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान सत्तारूढ़ दल पर जमकर भड़ास निकाली।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास देश में नफरत फैलाने के अलावा और कोई एजेंडा ही नहीं बचा है।
सैफई में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “देश में केवल एक ही बड़ा संकट है और वह खुद भाजपा है। भाजपा देश का सबसे बड़ा संकट बन चुकी है। जिस दिन भाजपा सत्ता से जाएगी, उस दिन देश से यह संकट भी हमेशा के लिए चला जाएगा।”
बीजेपी पर JPNIC को बेचने का लगाया आरोप
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के पास समाज में केवल नफरत फैलाने का काम है। उन्होंने कहा कि भाजपा जब बनी थी, तब उसने खुद को समाजवादी विचारधारा से जोड़ने की कोशिश में जयप्रकाश नारायण की तस्वीर का इस्तेमाल किया था। लेकिन आज हकीकत यह है कि उसने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (जेपीएनआईसी) को ‘बेच’ दिया है। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा को तो कोई खरीदने वाला ही तैयार नहीं मिल रहा है, वरना भाजपा खुद को भी बेच देती।”
‘उद्योगपतियों को मुनाफा पहुंचाने की खुली छूट’
देश में लगातार बढ़ रही महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार अपने चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में इजाफा होने दे रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “चीनी के दाम लगातार महंगे हो रहे हैं। सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिला रही है। कानूनन किसी भी चीज में मिलावट करना अपराध है और आप कानूनी तौर पर मिलावट नहीं कर सकते। लेकिन एक सोची-समझी रणनीति के तहत कुछ खास लोगों को आर्थिक फायदा पहुंचाने और चुनावी चंदा बटोरने के लिए सरकार ने उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट दे रखी है।”
अखिलेश ने दावा किया कि कंपनियों को अधिक मुनाफा कमाने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से ही चीनी, डीजल और पेट्रोल ऊंची दरों पर बेचे जा रहे हैं। सरकार की नीतियों के कारण ही आम जनता महंगाई की चक्की में पिस रही है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अस्पतालों में दवाइयां महंगी दरों पर बेची जा रही हैं, एम्बुलेंस सेवाएं पूरी तरह ठप हैं और पुलिसकर्मी खुलेआम आम जनता से पैसे वसूल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक्सप्रेसवे निर्माण के बजट में दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि इसके लिए सरकार को जवाबदेह क्यों नहीं बनाया जा रहा है?
‘अंग्रेज चले गए, लेकिन हम अभी भी पूरी तरह आजाद नहीं’
देश में अभिव्यक्ति की आजादी और मीडिया पर बढ़ रही पाबंदियों को लेकर सपा अध्यक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “देश की आजादी के बाद अंग्रेज तो भारत छोड़कर चले गए, लेकिन हम आज भी सही मायनों में आजाद नहीं हो पाए हैं। आज भी समाज और मीडिया पर कई तरह की पाबंदियां थोपी गई हैं। आप सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीरें टीवी पर नहीं दिखा सकते। अगर कोई पत्रकार स्कूलों की खराब हालत को उजागर करता है, तो उसे उठाकर सीधे जेल में डाल दिया जाता है।”
शिक्षा को बढ़ावा न देने का आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर देश में शिक्षा को बढ़ावा नहीं दे रही है। उनका मानना है कि अगर लोग शिक्षित हो जाएंगे, तो वे सरकार से तीखे सवाल पूछेंगे और नीतियों पर बहस करेंगे। उन्होंने कहा, “भाजपा को जनता के सवालों से सबसे ज्यादा डर लगता है। और जो सवालों से डरता है, वह हर हाल में लोकतंत्र को दबाएगा और बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान व सिद्धांतों को कमजोर करने की कोशिश करेगा।”
किसान संकट और नेपाल बाढ़ पर जताई गहरी चिंता
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ने सही समय पर खाद-बीज उपलब्ध न कराकर और फसलों का उचित मूल्य न देकर किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “पहले हम सुनते थे कि खाद की बोरी में से कुछ किलो खाद चोरी हो जाती थी, लेकिन आज के दौर में तो पूरी की पूरी बोरी ही गायब हो जा रही है। इसका जिम्मेदार आखिर कौन है?”
अंत में सपा अध्यक्ष ने पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ की आपदा पर भी अपनी गहरी संवेदनाएं और चिंता व्यक्त की। उन्होंने केंद्र सरकार से मानवीय आधार पर आगे आकर नेपाल को हर संभव सहायता मुहैया कराने का आग्रह किया।

