तमिलनाडु की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद दिलचस्प खबर सामने आ रही है। राज्य के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने बुधवार को विधानसभा के पटल पर तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) सरकार का अपना पहला आधिकारिक बजट (Tamil Nadu Budget 2026) पेश किया है।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में लाई गई कई जनहितैषी पहलों की दिल खोलकर सराहना की। वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में साफ ऐलान किया कि सरकार ने ठेकों और निविदाओं में कुछ खास दलों तथा चुनिंदा लोगों को मिलने वाली ‘कट’ यानी कमीशन की पुरानी और भ्रष्ट प्रथा को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है। इसके अलावा, सरकार ने टीवीके के अपने प्रमुख चुनावी वादों में शामिल दो स्वर्ण सहायता योजनाओं के लिए 1,300 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम प्रावधान किया है, साथ ही राज्य को गंभीर ‘वित्तीय संकट’ से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कई कड़े कदम उठाने का दावा भी किया है।
दुल्हनों के लिए सोने की सौगात और नीट परीक्षा पर बड़ा रुख
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने देश की बहुचर्चित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट (NEET) को पूरी तरह समाप्त करने की अपनी पुरानी मांग को एक बार फिर पुरजोर तरीके से दोहराया। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा अंकों के आधार पर ही मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की पुरानी और सहज व्यवस्था को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही महिलाओं के लिए लाई गई खास ‘सोने के सिक्के एवं रेशमी साड़ी योजना’ के तहत सरकार ने 812 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है। इस योजना के तहत शादी के वक्त राज्य की दुल्हनों को सरकार की तरफ से पूरे आठ ग्राम सोना और एक शानदार रेशमी साड़ी मुफ्त भेंट की जाएगी।
इसके अलावा, सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्यारे नवजात शिशुओं के लिए ‘स्वर्ण अंगूठी योजना’ के वास्ते 560 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके पार्टी का एक बहुत बड़ा चुनावी वादा था। वहीं, छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ‘वेट्री मडिकनिनी थिट्टम’ के तहत कॉलेज के सभी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप बांटने की योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये का भारी फंड आरक्षित किया गया है। वित्त मंत्री ने यह भी खुशखबरी दी कि हज समिति के माध्यम से जिंदगी में पहली बार हज यात्रा पर जाने वाले मुबारक मुसाफिरों के लिए सरकारी सब्सिडी को 25,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 35,000 रुपये कर दिया जाएगा।
वित्तीय सुधार और अन्य कल्याणकारी योजनाएं
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और इसे ‘वित्तीय संकट’ से उबारने के लिए लगातार कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। टीवीके सरकार ने सत्ता में आते ही राज्य की असल वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र (White Paper) जारी किया था, जिसमें कुल बकाया कर्ज लगभग 10 लाख करोड़ रुपये आंका गया था। विल्सन ने गर्व के साथ कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने कुछ खास लोगों के लिए टेंडर में चलने वाली ‘कट मनी’ की व्यवस्था को जड़ से उखाड़कर एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब राजस्व का एक-एक पैसा सीधे सरकारी खजाने तक पहुंचेगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता जैसे कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
सरकार ने शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए ‘पल्ली निरैवु थिट्टम’ के तहत स्कूलों के कायाकल्प और आधुनिकीकरण की योजना का ऐलान करते हुए चालू वर्ष के वास्ते 300 करोड़ रुपये रखे हैं। इसके अलावा, महान पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के नाम पर नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक अति-आधुनिक सरकारी आवासीय विद्यालय योजना की शुरुआत करते हुए 125 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। समाज को स्वस्थ बनाने के लिए ‘नशा मुक्त तमिलनाडु’ अभियान को गति देने हेतु 7 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने सरकार के अन्य बड़े कामों का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 717 शराब की दुकानों को बंद किया जा चुका है और आम घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने अपने इस बजट में महिलाओं के सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय और हर जरूरतमंद के लिए पक्के मकान जैसी दूरदर्शी योजनाओं का पूरा खाका जनता के सामने रख दिया है।

