नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध अब और भी तेज हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब उस मुकाम पर पहुंच गई है जहां से वापसी का रास्ता धुंधला नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे खौफनाक चेतावनी दी है।
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत नहीं खोला गया, तो ईरान के तमाम पावर प्लांट और पुल इतिहास का हिस्सा बन जाएंगे।
ट्रंप का 'मिडनाइट' अल्टीमेटम
डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा इस बार सातवें आसमान पर है। उन्होंने डंके की चोट पर कहा कि पूरा ईरान एक रात में तबाह किया जा सकता है और वो रात 'कल' ही हो सकती है। ट्रंप ने डेडलाइन तय करते हुए कहा कि कल रात 12 बजे तक ईरान के हर पुल और बिजली घर को मलबे के ढेर में बदल दिया जाएगा। जब उनसे युद्ध अपराधों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक कहा कि उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है। ट्रंप का मानना है कि ईरानी जनता अब इस नेतृत्व से आजादी चाहती है और विद्रोह के लिए तैयार है।
ईरान का 'ह्यूमन शील्ड' दांव
ट्रंप की इस खुली धमकी के बाद तेहरान में हड़कंप मच गया है। ईरान ने अपनी रक्षा के लिए एक अनोखा और जोखिम भरा रास्ता चुना है। ईरान के युवा मामलों के उप मंत्री अलिरेजा रहिमी ने देश के छात्रों, खिलाड़ियों और कलाकारों से अपील की है कि वे मंगलवार दोपहर 2 बजे से बिजलीघरों के चारों ओर 'ह्यूमन चैन' यानी मानवीय श्रृंखला बनाएं। सरकार इसे 'उज्ज्वल भविष्य के लिए युवाओं की श्रृंखला' कह रही है, जो ट्रंप की डेडलाइन से ठीक 13 घंटे पहले शुरू होगी। जानकारों का मानना है कि ईरान असल में आम नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल करना चाहता है।
पाकिस्तान के जरिए शांति की आखिरी कोशिश
एक तरफ युद्ध की तैयारी है, तो दूसरी तरफ कूटनीति के दरवाजे भी खटखटाए जा रहे हैं। ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। ईरानी राजनयिक मोजतबा फर्दौसी पोर का कहना है कि वे कोई अस्थायी समझौता नहीं, बल्कि स्थायी युद्धविराम चाहते हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि उन्हें अब अमेरिका पर भरोसा नहीं रहा, क्योंकि बातचीत के दौरान भी दो बार बमबारी की गई। ईरान ने साफ कर दिया है कि उन्हें 'शॉर्ट-टर्म सीजफायर' कतई मंजूर नहीं है।
क्या टल जाएगा महायुद्ध?
हालात बेहद नाजुक हैं। इजरायल ने पहले ही ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला कर रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया चीफ को ढेर कर दिया है। हालांकि, राहत की बात बस इतनी है कि पर्दे के पीछे बातचीत के तार अभी भी जुड़े हुए हैं। ट्रंप ने खुद माना है कि चर्चा जारी है, लेकिन उनकी धमकियों ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आहट दे दी है। अब सबकी नजरें कल रात 12 बजे की डेडलाइन पर टिकी हैं।

