Gold Rate Today 13 April 2026: अगर आप भी सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है। पिछले कुछ दिनों से आसमान छू रही सोने की कीमतों पर सोमवार (13 अप्रैल) की सुबह ब्रेक लग गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल के कारण घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी के भाव गिर गए हैं। 13 अप्रैल को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई तक कीमतों में नरमी देखी जा रही है।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज 24 कैरेट सोने की कीमत गिरकर ₹1,52,980 प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। वहीं, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी भाव में गिरावट दर्ज की गई है, जहां 24 कैरेट सोना ₹1,52,830 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह का रिकॉर्ड देखें तो सोना करीब ₹1,910 तक महंगा हुआ है, लेकिन आज की गिरावट खरीदारों के लिए एक अच्छा मौका लेकर आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 1.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,734.60 डॉलर प्रति औंस पर देखा गया।
भारत के प्रमुख शहरों में सोने का ताजा भाव
देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमतों में थोड़ा उतार-चढ़ाव बना हुआ है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना ₹1,54,100 के स्तर पर है, जबकि कोलकाता और हैदराबाद में यह ₹1,52,830 पर बिक रहा है। जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे उत्तर भारतीय शहरों में दाम ₹1,52,980 के करीब बने हुए हैं। अहमदाबाद, भोपाल और इंदौर में भाव ₹1,52,880 दर्ज किया गया है। दक्षिण भारत के मैसूर और भुवनेश्वर में भी कीमतें मुंबई के बराबर यानी ₹1,52,830 पर हैं।
चांदी की चमक भी हुई फीकी
सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है। आज सुबह चांदी का भाव गिरकर ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम पर आ गया है। आपको बता दें कि इस साल जनवरी में चांदी ₹4 लाख के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई थी। ग्लोबल मार्केट में सिल्वर फ्यूचर्स 2.63 प्रतिशत गिरकर 74.47 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर साफ दिख रहा है। हालांकि, ईरान और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भी बीच-बीच में कीमतों को प्रभावित कर रहा है।
भारत में कैसे तय होते हैं सोने-चांदी के भाव?
भारत में सोने और चांदी की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करती हैं। इसमें 'लंदन बुलियन मार्केट' के बेंचमार्क और अमेरिकी डॉलर की स्थिति सबसे अहम होती है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा, भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना आयात करता है, इसलिए आयात शुल्क (Import Duty) और रुपये-डॉलर का विनिमय दर भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। घरेलू स्तर पर 'इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन' (IBJA) और राज्यों के स्थानीय टैक्स (GST और मेकिंग चार्ज) मिलकर अंतिम खुदरा भाव तय करते हैं।
आखिर क्यों गिरा सोने का भाव?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स (COMEX) गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1.1% गिरकर 4,734.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, जिसका सीधा असर हमारे बाजारों पर पड़ा है। इस गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं। पहला, अमेरिकी डॉलर का लगातार मजबूत होना। दूसरा, बॉन्ड यील्ड में हो रही बढ़ोतरी और तीसरा, कच्चे तेल की कीमत का 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाना। इन वजहों से निवेशक फिलहाल सोने से थोड़ी दूरी बना रहे हैं, जिससे कीमतों में दबाव आया है।
सोना खरीदने से पहले जरूरी जानकारी
अक्सर लोग 24 कैरेट और 22 कैरेट के बीच उलझ जाते हैं। 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है, जबकि 22 कैरेट में 91.6% सोना और बाकी अन्य धातुएं होती हैं, जिसका इस्तेमाल गहने बनाने में ज्यादा होता है। हमेशा हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदना चाहिए क्योंकि यह शुद्धता की गारंटी है। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) इसकी जांच कर मुहर लगाता है। डिजिटल गोल्ड और फिजिकल गोल्ड के अपने फायदे हैं, लेकिन सुरक्षित निवेश और गहनों के शौकीनों के लिए फिजिकल गोल्ड आज भी पहली पसंद बना हुआ है।

