दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान ने एक बड़ा फैसला लिया है। ईरान ने अब यहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नया नियम और नई अथॉरिटी तैयार कर दी है।
अब अगर किसी भी जहाज को इस संकरे समुद्री रास्ते से गुजरना है, तो उसे ईरान की इस नई अथॉरिटी से संपर्क करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एक आधिकारिक ईमेल आईडी भी जारी कर दी गई है।
ईरान का नया डिजिटल पहरा: ईमेल से मिलेगी इजाजत
ईरान की नई व्यवस्था के तहत, होर्मुज से गुजरने के इच्छुक जहाजों को info@PGSA.ir से एक ईमेल प्राप्त होगा। इस ईमेल में आवागमन के सख्त नियमों और शर्तों की जानकारी दी जाएगी। ईरान का यह कदम वैश्विक तेल व्यापार मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने इसी क्षेत्र में फंसे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' नाम से एक बड़ा नौसैनिक अभियान शुरू किया था। इसका मुख्य मकसद दुनिया की तेल आपूर्ति के पांचवें हिस्से के लिए जिम्मेदार इस मार्ग पर फिर से आवाजाही बहाल करना था। हालांकि, अब इस मिशन को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है।
ट्रंप का यू-टर्न: 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' पर लगी अस्थायी रोक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने को लेकर बातचीत आखिरी दौर में पहुंच गई है। समझौते को अंतिम रूप देने के लिए ऑपरेशन 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को फिलहाल कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।
ट्रंप ने बताया कि पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध के साथ-साथ ईरान के खिलाफ मिली शुरुआती सैन्य सफलता के बाद अब शांति वार्ता पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि हालांकि नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी, लेकिन 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को इसलिए रोका गया है ताकि यह देखा जा सके कि कोई स्थायी समझौता हो पाता है या नहीं।
तनाव के बीच वैश्विक तेल संकट का खतरा
आपको बता दें कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सोमवार को फंसे हुए जहाजों को निकालने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' शुरू किया गया था। यूएस सेंट्रल कमांड ने इस पर तेजी से अमल भी शुरू कर दिया था, लेकिन इसके कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारी तनाव पैदा हो गया।
इस दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया कि उसके जहाजों पर ईरान ने हमला किया है, वहीं अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई में कई ईरानी छोटी नौकाओं को नष्ट करने का दावा किया। चूंकि यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है, इसलिए यहां छोटी सी भी सैन्य हलचल पूरी दुनिया में तेल की कीमतों को बढ़ा सकती है। फिलहाल सबकी नजरें अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस संभावित शांति डील पर टिकी हैं।

