तेहरान: मिडिल ईस्ट में मचे भारी घमासान के बीच ईरान ने एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिससे वाशिंगटन से लेकर यरूशलेम तक हड़कंप मच गया है। ईरान की सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि उन्होंने अमेरिका के सबसे एडवांस और दुनिया के सबसे ताकतवर माने जाने वाले F-35 लड़ाकू विमान को आसमान में ही धूल चटा दी है।
ईरान यहीं नहीं रुका, तेहरान का दावा है कि इस फाइटर जेट का पायलट अब उनकी कैद में है। इतना ही नहीं, पायलट को बचाने के लिए अमेरिका ने जो रेस्क्यू मिशन भेजा था, उसे भी ईरान ने बुरी तरह नाकाम कर दिया है।
अमेरिकी रेस्क्यू मिशन पर ईरान का भीषण प्रहार
ईरान की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही अमेरिकी वायुसेना का F-35 विमान गिरा, अमेरिका ने अपने पायलट को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बड़ा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने एक C-130 मालवाहक विमान और चार ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टरों को ईरान की सीमा के भीतर भेजा था। ईरान की सेना ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इन विमानों पर हमला कर दिया और उन्हें भी मार गिराने का दावा किया है।
पायलट जिंदा है या मारा गया? सस्पेंस बरकरार
तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, F-35 जेट पर हमला होते ही पायलट ने खुद को इजेक्ट कर लिया था और वह पैराशूट के जरिए ईरानी जमीन पर उतरा। हालांकि, पायलट की मौजूदा हालत को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। जहां कुछ ईरानी सूत्र दावा कर रहे हैं कि पायलट को जिंदा दबोच लिया गया है, वहीं ईरान के सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' और 'IRIB' का कहना है कि विमान का धमाका इतना जबरदस्त था कि पायलट के बचने की उम्मीद बहुत कम है।
ईरानी डिफेंस सिस्टम का जलवा या कुछ और?
ईरान के खतम अल-अंबिया मिलिट्री हेडक्वार्टर ने गर्व के साथ एलान किया कि यह दूसरी बार है जब उन्होंने अमेरिका के 'अजेय' माने जाने वाले F-35 को मार गिराया है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई मध्य ईरान के आसमान में IRGC की नई और पूरी तरह स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए की गई। हालांकि, इस बीच तुर्की की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने एक नया मोड़ दे दिया है। कहा जा रहा है कि गिराया गया विमान F-35 नहीं, बल्कि अमेरिका का F-15E स्ट्राइक ईगल भी हो सकता है।
युद्ध की दहलीज पर दुनिया!
ईरान और अमेरिका के बीच यह तनातनी अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। इससे पहले 19 मार्च को भी ईरान ने एक F-35 को गिराने का दावा किया था, जिसे अमेरिका ने महज एक 'इमरजेंसी लैंडिंग' बताया था। ईरान का दावा है कि उसने पिछले कुछ महीनों में अमेरिका और इजराइल के 125 से ज्यादा ड्रोन ढेर किए हैं। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस ताजा घटना पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन इस दावे ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को और हवा दे दी है।

