ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने न केवल अमेरिका के सबसे आधुनिक और खतरनाक लड़ाकू विमान F-35 को मार गिराया है, बल्कि उसके पायलट को भी अपनी हिरासत में ले लिया है।
इस खबर ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है, क्योंकि अगर यह खबर सच साबित होती है, तो यह दशकों में अमेरिकी सैन्य ताकत को लगा सबसे बड़ा झटका होगा।
कैसे पकड़ा गया अमेरिकी पायलट?
तसनिम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी घटना पश्चिमी ईरान के कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के पास हुई है। बताया जा रहा है कि जैसे ही IRGC के एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिकी F-35 को लॉक करके निशाना बनाया, विमान के परखच्चे उड़ गए। विमान के हिट होते ही पायलट ने अपनी जान बचाने के लिए इजेक्ट किया और पैराशूट के जरिए ईरानी सरजमीं पर लैंड कर गया।
लैंडिंग के बाद पायलट ने भागने की कोशिश की और अमेरिकी सेना ने भी उसे सुरक्षित बाहर निकालने (Rescue Operation) के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन ईरानी सेना की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली। ईरानी सैनिकों ने इलाके की घेराबंदी कर अमेरिकी पायलट को जिंदा दबोच लिया।
ट्रंप प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें
हालांकि, अभी तक ईरानी सरकार या सेना ने आधिकारिक तौर पर इस गिरफ्तारी का ऐलान नहीं किया है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह खबर पुख्ता है, तो डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह बहुत बड़ी कूटनीतिक और सैन्य हार होगी। ईरान इस पायलट को एक बड़े 'मोहरे' के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है। शांति वार्ता या किसी भी समझौते में ईरान अब अपनी शर्तें मनवाने की मजबूत स्थिति में आ गया है।
अजेय माने जाने वाले F-35 का क्या हुआ?
हैरानी की बात यह है कि जिस F-35 को दुनिया का सबसे एडवांस और 'अजेय' स्टेल्थ फाइटर जेट माना जाता है, उसे IRGC ने मलबे में तब्दील कर दिया। दावा किया जा रहा है कि यह विमान अमेरिका की मशहूर 'लेकनहीथ स्क्वाड्रन' का हिस्सा था। IRGC का कहना है कि यह दूसरा मौका है जब उन्होंने किसी F-35 को निशाना बनाया है। घुसपैठ करने वाला यह विमान अब पूरी तरह तबाह हो चुका है और इसका मलबा ईरानी सीमा के भीतर पड़ा है।

