Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट: 87 डॉलर के नीचे फिसला ब्रेंट क्रूड, भारत के लिए आई बड़ी खुशखबरी

कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट: 87 डॉलर के नीचे फिसला ब्रेंट क्रूड, भारत के लिए आई बड़ी खुशखबरी

UPUK Live 1 week ago

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर नरमी देखने को मिल रही है। क्रूड ऑयल के दाम लगातार तीसरे दिन गिर गए हैं। 26 अगस्त को ब्रेंट क्रूड 2.19% फिसलकर 86.39 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया।

वहीं, डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड भी 1.87% गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। कच्चे तेल के दामों में अचानक आई यह गिरावट भारत के लिए बहुत अच्छी खबर लेकर आई है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है। ऐसे में जब ग्लोबल मार्केट में क्रूड के दाम बढ़ते हैं, तो भारत का इंपोर्ट बिल काफी बढ़ जाता है। अब कीमतें घटने से भारत की अर्थव्यवस्था को एक बड़ी राहत मिलेगी।

क्रूड ऑयल में गिरावट की असल वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेज गिरावट के पीछे एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम है। दरअसल, ईरान और ओमान के बीच एक बेहद अहम बातचीत चल रही है। यह बातचीत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते समुद्री जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू करने को लेकर है। दोनों देश फिलहाल एक अंतरिम समझौते तक पहुंचने के अंतिम दौर में हैं। ओमान न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी की विस्तार से चर्चा हुई है। दोनों नेता एक 'अस्थायी ज्वाइंट मेरीटाइम कॉरिडोर' बनाने की पहल पर सहमत होते दिख रहे हैं।

समुद्री यातायात के लिए बनेगा स्थायी कॉरिडोर ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह बात सिर्फ अस्थायी कॉरिडोर तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में दोनों देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से समुद्री जहाजों की आवाजाही के लिए एक स्थायी रास्ता बनाने पर काम करेंगे। इसके साथ ही गवर्नेंस, इंफॉर्मेशन शेयरिंग फ्रेमवर्क से लेकर ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसे अहम मुद्दों पर भी बातचीत जारी रहेगी। तासनिम न्यूज एजेंसी ने भी बताया है कि 30 से 60 दिन के भीतर एक स्थायी रूट तैयार करने की योजना है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते जहाजों का सामान्य आना-जाना फिर से शुरू हो सकेगा।

अमेरिका-ईरान तनाव के कारण बिगड़े थे हालात भले ही अभी तेल की कीमतों में नरमी आई हो, लेकिन इस साल क्रूड ऑयल 40 फीसदी तक महंगा हुआ है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव रहा है। इस विवाद का सीधा असर गल्फ देशों से होने वाली क्रूड ऑयल सप्लाई पर पड़ा। सप्लाई घटने से कीमतों में भयंकर तेजी आई थी। 28 फरवरी को दोनों देशों के बीच टकराव शुरू हुआ था। इसके बाद क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल तक उछल गया था। बाद में अमेरिका ने ईरान पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे ताकि उस पर दबाव बनाया जा सके।

पाकिस्तानी सेना प्रमुख के दौरे ने बढ़ाई सरगर्मी इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख का हालिया ईरान दौरा भी काफी अहम माना जा रहा है। ईरानी मीडिया के मुताबिक इस एक दिन के दौरे के नतीजे बेहद खास रहे हैं। जब जून में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हुआ था, तब तेल के दाम 80 डॉलर के नीचे चले गए थे। उस शांति समझौते में पाकिस्तान ने एक बड़ी भूमिका निभाई थी। हालांकि, अगस्त में उस युद्धविराम की अवधि खत्म हो गई। अब एक बार फिर से कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं, जिसका सीधा असर कच्चे तेल के बाजार पर दिख रहा है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: UPUKLive