बुढ़ापे के दौरान वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता बनाए रखने के लिए समय रहते पेंशन की सही तैयारी करना बेहद जरूरी होता है। केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) ऐसे लोगों के लिए एक बेहद उपयोगी और सुरक्षित विकल्प साबित हो रही है, जो अपने रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक निश्चित और गारंटीड आमदनी चाहते हैं।
इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपनी मौजूदा उम्र और भविष्य में प्राप्त की जाने वाली पेंशन की राशि के अनुसार नियमित रूप से योगदान कर सकता है। अगर आप कम उम्र में ही इस योजना से जुड़ते हैं, तो आपको हर महीने जमा की जाने वाली प्रीमियम की राशि अपेक्षाकृत काफी कम देनी पड़ती है।
1,000 से 5,000 रुपये तक पेंशन पाने का शानदार विकल्प
अटल पेंशन योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लाभार्थी अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार मासिक पेंशन का चुनाव कर सकता है। इस स्कीम में 1,000 रुपये, 2,000 रुपये, 3,000 रुपये, 4,000 रुपये या फिर 5,000 रुपये प्रति माह पेंशन पाने के विकल्प मौजूद हैं। तय शर्तों और नियमों के अनुसार, जैसे ही लाभार्थी की उम्र 60 वर्ष पूरी होती है, उसे हर महीने चुनी गई पेंशन राशि मिलने लगती है।
30 साल की उम्र में कितना करना होगा योगदान?
अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में इस योजना से जुड़ता है और 60 साल की उम्र के बाद 5,000 रुपये मासिक पेंशन पाने का विकल्प चुनता है, तो उसे तय नियमों के हिसाब से नियमित अंशदान करना होगा। उदाहरण के तौर पर, 5,000 रुपये पेंशन के लिए 30 साल की उम्र वाले व्यक्ति को हर महीने लगभग 577 रुपये जमा करने होंगे। यदि वह तिमाही भुगतान का विकल्प चुनता है तो यह राशि करीब 1,720 रुपये और छमाही भुगतान के विकल्प में लगभग 3,405 रुपये बैठती है।
जानिए कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
अटल पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की उम्र 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, आवेदक के पास किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक सक्रिय बचत खाता (Savings Account) होना अनिवार्य है। योजना में शामिल होने और अपना अंशदान शुरू करने से पहले आवेदक को पात्रता से जुड़ी सभी जरूरी शर्तों और नियमों की सही जानकारी अवश्य जांच लेनी चाहिए।

