केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सितंबर का महीना बेहद खास साबित हो सकता है। एक तरफ जहां जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की पूरी उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ 8वें वेतन आयोग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
आयोग लगातार कर्मचारियों, पेंशनधारकों और उनके विभिन्न संगठनों से राय और सुझाव ले रहा है। इस बीच 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके पुराने पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है।
बता दें कि 8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का वक्त दिया गया है। तय समयसीमा के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट मई 2027 के आसपास सामने आ सकती है, जिसके बाद सरकार की मंजूरी मिलते ही नई सैलरी, संशोधित पेंशन और भत्तों का सीधा फायदा मिलना शुरू हो जाएगा।
8वें वेतन आयोग से किन-किन लोगों की चमकेगी किस्मत?
8वें वेतन आयोग का सीधा असर देश के एक बहुत बड़े सरकारी वर्ग पर पड़ने वाला है। अनुमानों के मुताबिक, यह आयोग लगभग 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और विभिन्न भत्तों की समीक्षा करेगा। इसका मतलब यह है कि कुल मिलाकर करीब 1.24 करोड़ लोगों की जेब पर इसका सीधा और सकारात्मक असर पड़ेगा।
सितंबर में कितना बढ़ सकता है आपका DA?
केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) DA/DR रिवीजन का फायदा देती है। जनवरी 2026 में 2 प्रतिशत की वृद्धि के बाद फिलहाल DA 60% पर है। अब सभी को जुलाई 2026 से लागू होने वाले अगले संशोधन का इंतजार है, जिसकी औपचारिक घोषणा सितंबर में होने की संभावना है।
‘मनीकंट्रोल’ की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर इस बार DA में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। अगर ऐसा होता है, तो DA 60% से बढ़कर 63% हो जाएगा। हालांकि, 1 सितंबर को जारी होने वाले जुलाई 2026 के आंकड़ों के बाद कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह 64% तक भी पहुंच सकता है।
63% या 64% DA होने पर आपकी जेब में कितना पैसा आएगा?
इसे एक आसान से उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है:
- 60% DA (मौजूदा दर) = 30,000 रुपये
- 63% DA होने पर = 31,500 रुपये (हर महीने 1,500 रुपये का फायदा)
- 64% DA होने पर = 32,000 रुपये (हर महीने 2,000 रुपये का फायदा)
यह 3 से 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी सीधे बेसिक पे पर लागू होगी, जिससे कर्मचारियों की कुल मंथली इन-हैंड सैलरी में अच्छा इजाफा देखने को मिलेगा।
क्या पुराने पेंशनर्स की पेंशन में भी होगा इजाफा?
इस समय का सबसे बड़ा और राहत देने वाला अपडेट पेंशनर्स से जुड़ा है। कई बड़े पेंशनर और कर्मचारी संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए लोगों को भी 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन रिवीजन का लाभ दिया जाए।
18 अगस्त 2026 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने ऑल इंडिया RMS, MMS और पोस्टल पेंशन्स एसोसिएशन तथा ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉयीज फेडरेशन के इस ज्ञापन को व्यय विभाग (Department of Expenditure) के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अंतिम फैसला हो चुका है, लेकिन इस मांग को आधिकारिक तौर पर प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है। अंतिम निर्णय सरकार और आयोग की सिफारिशों के बाद ही होगा।
वेतन आयोग में क्या है फिटमेंट फैक्टर का खेल?
8वें वेतन आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा ‘फिटमेंट फैक्टर’ की हो रही है। यह वह मल्टीप्लायर (गुणांक) होता है, जिससे मौजूदा बेसिक पे को नए सैलरी स्ट्रक्चर में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था। इसका मतलब यह नहीं होता कि कुल सैलरी 2.57 गुना हो जाती है, बल्कि यह मुख्य रूप से बेसिक पे के रिवीजन में इस्तेमाल होता है। HRA, TA और अन्य भत्ते अलग नियमों के आधार पर तय होते हैं।
अभी सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए किसी आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कर्मचारी संगठनों की मांग इसे बढ़ाकर 2.86 के आसपास करने की है।
सिफारिशें कब आएंगी और कब से लागू होगी बढ़ी हुई सैलरी?
सरकार ने अक्टूबर 2025 में आयोग को टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) दिए थे और नवंबर 2025 में आयोग का गठन हुआ था। 18 महीने की समयसीमा के हिसाब से रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आएगी। इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी और वित्तीय आकलन के बाद इसे लागू किया जाएगा।
भले ही इसे पूरी तरह लागू होने में 2 साल का समय लग जाए, लेकिन इसकी प्रभाव तिथि (Effective Date) 1 जनवरी 2026 ही रहेगी। यानी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लेकर लागू होने की तारीख तक का पूरा बकाया (Arrears) मिलेगा।
2 साल बाद लागू हुआ तो कितना मिलेगा एरियर?
अगर 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2028 से पूरी तरह लागू होता है, तो कर्मचारियों को पूरे 24 महीने का एरियर एक साथ मिलेगा। एरियर की गणना नए वेतन और पुराने वेतन के अंतर को 24 से गुणा करके की जाएगी।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि 7वें वेतन आयोग के समय भी 1 जनवरी 2016 से नियम प्रभावी हुए थे, लेकिन कैबिनेट मंजूरी जून 2016 में मिली थी, जिसके बाद कर्मचारियों को पूरा एरियर दिया गया था।
फिटमेंट फैक्टर 2.86 हुआ तो कितनी बढ़ेगी सैलरी और HRA?
अगर कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुसार फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में 25 से 30% तक का उछाल आ सकता है।
कैल्कुलेशन का फॉर्मूला बेहद आसान है: बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर = नई बेसिक सैलरी
- उदाहरण के लिए: 18,000 रुपये (न्यूनतम बेसिक सैलरी) × 2.86 = 51,480 रुपये।
इसके आधार पर ही HRA की गणना होगी। HRA को शहरों के हिसाब से X (27%), Y (18%) और Z (9%) कैटेगरी में बांटा जाता है। अगर 51,480 रुपये बेसिक सैलरी पर X कैटेगरी (मेट्रो शहर) के 27% HRA का हिसाब लगाएं, तो अकेले HRA की रकम 13,899 रुपये हो जाएगी।

