अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बेखौफ और विवादित बयानों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूफ़ान के केंद्र में हैं। ईरान के साथ जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है जिसने न केवल कूटनीतिक मर्यादा लांघी है, बल्कि अमेरिकी लोकतंत्र की गरिमा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रंप के इस रवैये ने अमेरिका के भीतर ही एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है।
हॉर्मुज जलमार्ग पर धमकी और 'असंतुलित' व्यवहार
डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर ईरान को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने न केवल ईरान को धमकाया, बल्कि उनके ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) और प्रमुख पुलों को मलबे में तब्दील करने की बात कही है। इस पोस्ट में इस्तेमाल किए गए अपशब्दों और आक्रामक तेवरों के बाद अमेरिका के गलियारों से यह आवाज उठने लगी है कि राष्ट्रपति 'मानसिक रूप से असंतुलित' हो चुके हैं। विरोधियों का दावा है कि ट्रंप के ऐसे सनक भरे फैसले देश को महाविनाश और तीसरे विश्व युद्ध की ओर ले जा सकते हैं।
अमेरिकी नेताओं का बड़ा पलटवार: 25वें संशोधन की चर्चा शुरू
ट्रंप के इस हिंसक और अभद्र रवैये पर डेमोक्रेटिक पार्टी के दिग्गज नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। सीनेट सदस्य चक शूमर ने ट्रंप के बयानों को 'एक असंतुलित व्यक्ति की बकवास' करार दिया है। वहीं, अनुभवी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने ट्रंप की स्थिति को 'खतरनाक' बताते हुए अमेरिकी कांग्रेस से तुरंत दखल देने की मांग की है। सबसे तीखा हमला सीनेटर क्रिस मर्फी ने किया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर वे कैबिनेट का हिस्सा होते, तो संविधान के 25वें संशोधन (25th Amendment) को लागू करने पर विचार करते, जिसके तहत राष्ट्रपति को पद के लिए 'अक्षम' होने पर हटाया जा सकता है।
आर्थिक तबाही का डर: तेल की कीमतों ने बढ़ाई धड़कनें
ट्रंप की इन धमकियों का सीधा और घातक असर वैश्विक बाजारों पर पड़ना शुरू हो गया है। हॉर्मुज जलमार्ग, जो दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस सप्लाई लाइन है, फरवरी से जारी युद्ध के कारण लगभग ठप पड़ा है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिसका नतीजा अमेरिका में आसमान छूती महंगाई के रूप में दिख रहा है। अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी है कि ट्रंप की 'नर्क में भेज देने' वाली नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए 'डेथ वारंट' साबित हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में दरार और शेयर बाजार में गिरावट
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि ट्रंप का यह अड़ियल रवैया अमेरिका के पुराने और भरोसेमंद नाटो (NATO) सहयोगियों को डरा रहा है। ट्रंप द्वारा गठबंधन छोड़ने की धमकी ने अमेरिकी निवेशकों के बीच भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है। सांसदों का तर्क है कि राष्ट्रपति बिना किसी ठोस कूटनीति के, केवल धमकियों के दम पर देश चलाना चाहते हैं, जो किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए अशोभनीय है। अब अमेरिकी कांग्रेस में इस बात पर बहस तेज है कि क्या राष्ट्रपति की युद्ध घोषित करने की शक्तियों पर तुरंत लगाम लगाई जानी चाहिए।

