अगर आप नौकरी या काम के सिलसिले में अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य शिफ्ट होते हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी। अक्सर दूसरे राज्य में गाड़ी ले जाने पर रजिस्ट्रेशन बदलवाने का जो सिरदर्द होता है, उससे सरकार जल्द ही आपको बड़ी राहत देने की तैयारी में है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम में एक बड़ा संशोधन करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जो करोड़ों वाहन मालिकों की लाइफ आसान बना सकता है।
तीन साल तक रजिस्ट्रेशन बदलने का झंझट खत्म
अभी के नियमों के मुताबिक, अगर आप अपनी गाड़ी को दूसरे राज्य में 12 महीने से ज्यादा रखते हैं, तो आपको वहां दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। लेकिन अब जो नया प्रस्ताव सामने आया है, उसके तहत इस अवधि को बढ़ाकर तीन साल करने की योजना है। इसका मतलब है कि अगर आप नौकरी या किसी प्रोजेक्ट के लिए 2-3 साल के लिए दूसरे शहर शिफ्ट होते हैं, तो आपको अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन लोगों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है जो बार-बार तबादलों का सामना करते हैं।
डिजिटल तरीके से सुलझेंगे ट्रैफिक चालान
रजिस्ट्रेशन के अलावा, सरकार ट्रैफिक चालान के निपटारे को भी हाई-टेक और आसान बनाने जा रही है। अब आपको छोटे-मोटे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए बार-बार कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार राज्यों को ऐसी डिजिटल प्रणाली विकसित करने का निर्देश दे रही है, जिससे ट्रैफिक चालान और जुर्मानों का निपटारा ऑनलाइन ही हो सके। इससे आम लोगों का कीमती समय तो बचेगा ही, साथ ही अदालतों पर बढ़ते मुकदमों का बोझ भी कम होगा।
रोड टैक्स पर भी हो रही है मंथन
एक्सपर्ट्स का मानना है कि रजिस्ट्रेशन नियमों में यह बदलाव एक गेम-चेंजर साबित होगा। हालांकि, अभी भी अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग रोड टैक्स नियमों को लेकर चर्चा जारी है। भविष्य में अगर राज्यों के बीच ऑनलाइन रोड टैक्स समायोजन जैसी व्यवस्था लागू हो जाती है, तो वाहन मालिकों को देश में कहीं भी गाड़ी चलाने में कोई अड़चन नहीं आएगी। अभी ये बदलाव प्रस्तावित हैं और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें लागू कर दिया जाएगा।

