नेपाली पीएम का पहला विदेश दौरा भारत में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह (Balen Shah) पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के तहत भारत का दौरा करेंगे। काठमांडू में आयोजित एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले (Swarnim Wagle) ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की।
वागले के अनुसार, दोनों देशों के कूटनीतिक स्तर पर यात्रा की तिथियां तय की जा रही हैं और सरकार को उम्मीद है कि यह दौरा इसी साल के अंत से पहले संपन्न होगा।
शुरुआती 100 दिनों के कामकाज का ब्योरा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री बालेन शाह पद संभालने के बाद से मुख्य रूप से घरेलू विकास एजेंडे पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे। सरकार का शुरुआती ध्यान 100-सूत्रीय कार्ययोजना पर था, जिसमें खुद के आकलन के अनुसार 87.2 प्रतिशत सफलता हासिल की गई है। इसके बाद ही प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों की रूपरेखा पर विचार शुरू किया गया, जिसमें भारत यात्रा को प्राथमिकता दी गई है। कार्यक्रम में मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया।
नेपाल में राजनीतिक परिवर्तन और नया नेतृत्व गौरतलब है कि 36 वर्षीय बालेन शाह पेशेवर रूप से एक इंजीनियर और रैपर रहे हैं। वर्ष 2022 से काठमांडू के मेयर के रूप में कार्य करने के बाद उन्होंने इसी वर्ष 27 मार्च को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। यह बदलाव सितंबर 2025 में हुए युवा प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन सरकार के गिरने और उसके बाद आयोजित आम चुनावों के परिणामस्वरूप संभव हुआ, जिसमें राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (Rastriya Swatantra Party) ने बहुमत हासिल किया।
आर्थिक सुधारों और निवेश पर जोर नेपाली वित्त मंत्री ने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए पेश किए गए बजटीय सुधारों का भी उल्लेख किया। नए बजट में निजी संपत्ति, अनुबंध नियमों और निवेशकों को समान अवसर देने से संबंधित लगभग 27 कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार ने विकास के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित किया है, जिनमें स्वच्छ ऊर्जा, पर्यटन, सीमावर्ती क्षेत्रों में विनिर्माण, उच्च-मूल्य कृषि और डिजिटल तकनीक शामिल हैं। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के दृष्टिकोण से इस आगामी यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

