पश्चिम बंगाल की सियासत में इस वक्त जबरदस्त 'खेला' होता नजर आ रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव नतीजों के जो रुझान सामने आ रहे हैं, उन्होंने राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है।
सोमवार की सुबह जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ी, बंगाल की फिजा बदली हुई नजर आई। ताजा रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में जोरदार बढ़त बनाए हुए है और खबर लिखे जाने तक 193 सीटों पर आगे चल रही थी। वहीं, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 95 सीटों पर सिमटती दिख रही है। इस पूरे सियासी घमासान के केंद्र में अगर कोई एक शख्स सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरा है, तो वो हैं शुभेंदु अधिकारी।
दरअसल, शुभेंदु अधिकारी वही नेता हैं जिन्होंने पिछले चुनाव में नंदीग्राम की हाई-प्रोफाइल सीट पर ममता बनर्जी को पटखनी दी थी। इस बार भी वह भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों ही मोर्चों पर डटे हुए हैं। भवानीपुर सीट पर शुभेंदु और ममता के बीच कांटे की टक्कर चल रही है, वहीं नंदीग्राम में वह एक बार फिर बढ़त बनाए हुए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ममता के 'किले' को ढहाने वाले इस कद्दावर नेता के पास कुल कितनी संपत्ति है? चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे काफी चौंकाने वाले हैं।
Suvendu Adhikari Networth: करोड़पति भी नहीं हैं शुभेंदु!
राजनीति में जहां नेताओं की संपत्ति दिन-दूनी रात-चौगुनी बढ़ती है, वहीं शुभेंदु अधिकारी के हलफनामे की तस्वीर कुछ अलग ही कहानी बयां करती है। बताया जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी की कुल संपत्ति एक करोड़ रुपये भी नहीं है। विधानसभा चुनाव के नामांकन के दौरान दी गई जानकारी के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी की कुल नेटवर्थ (Suvendu Adhikari Wealth) लगभग 85.87 लाख रुपये है। सबसे खास बात यह है कि इतने बड़े कद के नेता होने के बावजूद उनके सिर पर किसी भी तरह का कोई कर्ज या देनदारी नहीं है।
बैंक में जमा पूंजी और LIC पर भरोसा
अगर हम शुभेंदु अधिकारी की चल संपत्ति की बात करें, तो उनके पास नकदी के नाम पर महज 12,000 रुपये थे। हालांकि, अलग-अलग बैंकों जैसे PNB, SBI और IDBI में उनके खातों में करीब 7 लाख रुपये जमा हैं। शुभेंदु ने निवेश के लिए पारंपरिक रास्तों को चुना है। उनके पास एलआईसी (LIC) की कुल 6 पॉलिसियां हैं, जिनमें से एक में 6 लाख और बाकी पांच में मिलाकर करीब 7 लाख रुपये का निवेश है।
इसके अलावा, उन्होंने नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) में 5 लाख, किसान विकास पत्र में 2.60 लाख और पोस्टल सेविंग में 60 हजार रुपये लगाए हुए हैं। शेयर बाजार या बॉन्ड्स में उनकी दिलचस्पी बहुत कम नजर आती है, क्योंकि यहां उनका निवेश मात्र 14,000 रुपये के आसपास है।
न घर में सोना और न गैराज में अपनी कार
शुभेंदु अधिकारी की लाइफस्टाइल को लेकर जो सबसे हैरान करने वाली बात सामने आई है, वो ये है कि उनके पास अपनी कोई कार या बाइक नहीं है। इतना ही नहीं, चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास सोने या चांदी के किसी भी तरह के आभूषण (Jewellery) नहीं हैं। अक्सर रसूखदार नेताओं के पास महंगी गाड़ियों का काफिला होता है, लेकिन शुभेंदु इस मामले में काफी अलग नजर आते हैं।
अचल संपत्ति की बात करें तो उनके पास करीब 9 लाख रुपये की कृषि भूमि और 27 लाख रुपये की गैर-कृषि भूमि है। शुभेंदु के नाम पर कोई कमर्शियल बिल्डिंग नहीं है, हालांकि उनके पास तीन घर/फ्लैट जरूर हैं, जिनकी कुल कीमत हलफनामे में लगभग 24.75 लाख रुपये बताई गई थी।
असल में, शुभेंदु अधिकारी की यह साधारण दिखने वाली बैलेंस शीट उनके विरोधियों के लिए भी चर्चा का विषय रहती है। फिलहाल, बंगाल की जनता का फैसला ईवीएम से बाहर आ रहा है और शुभेंदु एक बार फिर सूबे की राजनीति के सबसे बड़े 'किंगमेकर' या 'किंग' बनने की ओर अग्रसर दिख रहे हैं।

