अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पुनः खुलने के संकेतों और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीदों के चलते ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम नीचे आए हैं।
इसके बावजूद घरेलू बाजार में आज शुक्रवार को तेल कंपनियों ने ईंधन दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
वैश्विक बाजार में लगातार छठे दिन कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है। डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव फिलहाल 0.010 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ करीब 83 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमत भी फिसलकर 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है।
क्रूड ऑयल सस्ता, फिर भी एक साल में 30% तेजी
भले ही हालिया कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल के दाम घटे हों, लेकिन दीर्घकालिक ट्रेंड को देखें तो बीते एक साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के रेट में 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बने तनावपूर्ण माहौल की वजह से बीते दिनों कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थीं। उस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक तेजी आने के कारण भारतीय तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) को रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये तक का घाटा सहना पड़ रहा था।
आगे चलकर सरकारी राहत उपायों और उत्पाद शुल्क में समायोजन के जरिए उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को संतुलित करने का प्रयास किया गया था।
मई के बाद से नहीं बदले दाम
देश में सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आखिरी बार मई के महीने में ईंधन के दामों में फेरबदल किया था। 15 मई से 25 मई के बीच कंपनियों ने चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे। इसके बाद 25 मई से देशभर में पेट्रोल-डीजल की दरें स्थिर बनी हुई हैं।
आज रक्षा बंधन के त्योहार पर भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें अपने पुराने स्तर पर ही कायम हैं। देश के विभिन्न शहरों में वैट (VAT) और स्थानीय करों की वजह से दरों में अंतर देखने को मिलता है। उदाहरण के तौर पर, तिरुअनंतपुरम में पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल 104.40 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

