अयोध्या स्थित राम मंदिर चंदा चोरी मामले (Ram Mandir Chanda Chori Case) ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। इस मामले में लगातार सामने आ रहे खुलासों ने हर किसी को हैरान कर दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के 8 अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई है और उनके घरों से करोड़ों की संपत्ति बरामद की गई है, जिसने इस पूरे मामले को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है।
शंकराचार्य ने सीधे सरकार को घेरा
इस चंदा चोरी मामले को लेकर अब संतों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए सीधा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस पूरी चंदा चोरी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। शंकराचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक तीखी पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मस्थान का इस्तेमाल स्वार्थ के लिए किया गया है।
साधु-संतों को सिर्फ नाम का हिस्सा बनाया गया?
शंकराचार्य का दावा है कि राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में साधु-संतों को शामिल करना केवल एक दिखावा था। उनके अनुसार, वास्तविक शक्तियां और अधिकार ट्रस्ट के कुछ चुनिंदा 'विश्वस्तों' को ही दिए गए थे। उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि साधु-संतों के पास कोई वास्तविक अधिकार नहीं थे। यहां तक कि उन्हें बैंक खातों और चेक बुक पर हस्ताक्षर करने तक की अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पिछले महीने खातों की जानकारी मिली, तो वे हैरान रह गए। शंकराचार्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चंदा चोरी एक 'महापाप' है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

