रक्षाबंधन पर खत्म हुआ सार्वजनिक विवाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) तथा पतंजलि योगपीठ के संस्थापक बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के बीच चल रही तल्खी आखिरकार खत्म हो गई है।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर योग गुरु ने पहल करते हुए कंगना को मिठाई और उपहार भेजे। लगभग एक हफ्ते से सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर दोनों के बीच जारी बयानबाजी के बाद इस सुलह ने मीडिया का ध्यान खींचा है।
रामदेव ने भेजी मिठाई, कंगना ने जताया आभार रामदेव ने आपसी मतभेद खत्म करने का संदेश देते हुए कहा कि देश में किसी भी कारण से नफरत या दुश्मनी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने कंगना को रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) की शुभकामनाएं देने और बातचीत के लिए फोन करने की बात कही।
इसके जवाब में कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी (Instagram Story) पर योग गुरु की पहल का खुले दिल से स्वागत किया। कंगना ने लिखा कि त्योहार पुरानी गलतियों को भूलने का अवसर देते हैं। उन्होंने रामदेव को अपना ‘बड़ा भाई’ बताते हुए उनके भेजे प्यार और मिठाई को स्वीकार किया। साथ ही, कंगना ने बहस की जगह बातचीत को प्राथमिकता देने के रामदेव के विचार से अपनी सहमति जताई।
Gen Z पर टिप्पणी से भड़का था विवाद दरअसल, दोनों हस्तियों के बीच विवाद की शुरुआत एक हफ्ते पहले हुई थी। कंगना ने Gen Z प्रदर्शनकारियों को लेकर ‘गटर जनरेशन’ शब्द का इस्तेमाल किया था। एक टीवी कार्यक्रम के दौरान रामदेव ने इस टिप्पणी को गलत ठहराते हुए कंगना के बयान और उनके व्यक्तिगत फैसलों पर सवाल उठाए थे।
सोशल मीडिया पर हुई थी तीखी तीखी बहस रामदेव के बयान से नाराज कंगना ने सोशल मीडिया पर तीखा पलटवार किया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की एक पुरानी टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा था कि योग गुरु को उन्हें चरित्र का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए। हालांकि, अब रक्षाबंधन के मौके पर दोनों पक्षों ने इस विवाद को पीछे छोड़ते हुए रिश्ते सामान्य करने का फैसला कर लिया है।

