केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े लाखों कर्मचारियों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने पेंशन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय स्वायत्त संस्थाओं (Central Autonomous Bodies - CABs) में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए निवेश के दो नए और शानदार विकल्प पेश किए हैं।
अब तक ये खास सुविधाएं केवल सीधे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ही मिलती थीं, लेकिन अब इनका दायरा बढ़ाकर स्वायत्त निकायों तक भी कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या हैं ये दो नए निवेश विकल्प?
सरकार की ओर से पेश किए गए इन दो नए विकल्पों से कर्मचारियों को अपने पेंशन निवेश को बेहतर ढंग से मैनेज करने में मदद मिलेगी।
पहला है 'LC-75 हाई' (Aggressive Life Cycle Fund), जिसे उन कर्मचारियों के लिए डिजाइन किया गया है जो भविष्य में बेहतर रिटर्न पाने के लिए थोड़ा जोखिम उठा सकते हैं। इसमें शुरुआती वर्षों में 75 प्रतिशत तक राशि शेयर बाजार (इक्विटी) में निवेश की जा सकती है, जिससे लंबी अवधि में फंड के तेजी से बढ़ने की संभावना बनी रहती है।
दूसरा विकल्प है 'बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड', जो उन कर्मचारियों के लिए बेहतरीन है जो निवेश में स्थिरता चाहते हैं। इसमें इक्विटी की सीमा 50 प्रतिशत तक सीमित रखी गई है। खास बात यह है कि जैसे-जैसे कर्मचारी की उम्र 45 साल के ऊपर होती है, इसमें इक्विटी का हिस्सा धीरे-धीरे घटा दिया जाता है, ताकि रिटायरमेंट के समय आपका पैसा सुरक्षित रहे।
कर्मचारियों को होगा निवेश में लचीलापन
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब कर्मचारियों के पास 'वन-साइज-फिट्स-ऑल' वाली मजबूरी नहीं रहेगी। हर कर्मचारी की वित्तीय स्थिति, जोखिम लेने की क्षमता और रिटायरमेंट के लक्ष्य अलग-अलग होते हैं। इन नए विकल्पों के आने से अब आप अपनी जरूरतों के हिसाब से फंड चुन सकेंगे। यदि आप अधिक ग्रोथ चाहते हैं, तो 'LC-75 हाई' का चुनाव कर सकते हैं, और यदि आप सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता देते हैं, तो 'बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड' आपके लिए बेस्ट है।
किसे मिलेगा इसका लाभ?
यह बड़ी राहत उन सभी कर्मचारियों के लिए है जो केंद्रीय स्वायत्त संस्थाओं (CABs) में काम कर रहे हैं और NPS के सदस्य हैं। पहले जो विकल्प केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों की जागीर थे, अब वे सुविधा सभी पात्र स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए भी खुल गई है। सरकार के इस कदम से न केवल NPS पहले से ज्यादा आकर्षक बनेगा, बल्कि यह कर्मचारियों की लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।

