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शेयर बाजार में 'मीठी' कमाई, अगस्त में चीनी कंपनियों के शेयरों में आया 59% का तूफानी उछाल

शेयर बाजार में 'मीठी' कमाई, अगस्त में चीनी कंपनियों के शेयरों में आया 59% का तूफानी उछाल

UPUK Live 1 week ago

लाल स्ट्रीट पर अगस्त का महीना शुगर स्टॉक्स (Sugar Stocks) के लिए बेहद शानदार साबित हुआ है। इस सेक्टर ने बाजार के सबसे मजबूत और सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले हिस्सों में अपनी जगह बना ली है।

चीनी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण इन कंपनियों के शेयरों में शानदार उछाल देखने को मिला है। घरेलू स्तर के साथ-साथ वैश्विक बाजार में सप्लाई को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने चीनी मिलों की कमाई बढ़ने की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं।

किन शेयरों ने भरी निवेशकों की झोली?

शुगर शेयरों में आई इस तूफानी तेजी में अवध शुगर एंड एनर्जी ने बाजी मारी है। 31 जुलाई को इसका शेयर 504.65 रुपये पर था, जो उछलकर 804.15 रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज में 38.01 फीसदी और डालमिया भारत शुगर में 35.63 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। उत्तम शुगर मिल्स, मवाना शुगर्स और धामपुर शुगर मिल्स जैसे शेयरों ने भी 25 से 33 फीसदी तक का शानदार रिटर्न दिया।

दिग्गज कंपनियों की बात करें तो बलरामपुर चीनी मिल्स 10.63 फीसदी चढ़कर 648.90 रुपये पर आ गया। हालांकि, गोदावरी बायोरिफाइनरीज का शेयर 8.51 फीसदी लुढ़क गया।

कंपनी का नामLTP31 जुलाई को शेयर की कीमतरिटर्न %
अवध शुगर एंड एनर्जी₹804.15₹504.6559.35%
बजाज हिंदुस्तान शुगर₹21.14₹16.7726.06%
बलरामपुर चीनी मिल्स₹648.90₹586.5510.63%
बन्नारी अम्मन शुगर्स₹3,760.00₹3,431.059.59%
डालमिया भारत शुगर₹476.00₹350.9535.63%
डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज₹46.77₹39.1719.40%
धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स₹123.73₹97.8526.45%
धामपुर शुगर मिल्स₹171.00₹135.1026.57%
द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज₹51.23₹37.1238.01%
ई.आई.डी. - पैरी (इंडिया)₹795.35₹759.404.73%
गोदावरी बायोरिफाइनरीज₹239.30₹261.55-8.51%
मगध शुगर एंड एनर्जी₹552.05₹499.9010.43%
मवाना शुगर्स₹141.80₹107.0032.52%
श्री रेणुका शुगर्स₹23.42₹21.857.19%
द उगार शुगर वर्क्स₹50.69₹40.7324.45%
त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज₹282.35₹222.3027.01%

तेजी के बाद वैल्युएशन पर उठते सवाल

शेयरों में इस जबरदस्त तेजी के बाद वैल्युएशन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अविनाश मेंटर रिसर्च के संस्थापक अविनाश गोरक्षकर का मानना है कि यह रैली सेक्टर की री-रेटिंग को दर्शाती है। बाजार अब इन कंपनियों को सिर्फ कृषि कारोबार के रूप में नहीं, बल्कि ग्रीन एनर्जी प्लेयर के तौर पर देख रहा है। हालांकि, उनका कहना है कि 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा पहले ही शेयरों की कीमत में शामिल हो चुका है। इनवेस्ट पीएमएस के बिजनेस हेड हर्षल दासानी का भी मानना है कि बाजार ने अगली दो तिमाहियों के मुनाफे की कीमत पहले ही चुका दी है।

अगले दौर की तेजी के लिए जरूरी ट्रिगर

एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए नए ट्रिगर्स की जरूरत होगी। अगर सरकार एथेनॉल के दाम बढ़ाती है, तो शेयरों में फिर से नई तेजी आ सकती है। इसके अलावा ब्राजील और थाईलैंड जैसे बड़े उत्पादक देशों में खराब मौसम की वजह से ग्लोबल सप्लाई प्रभावित हुई है। अगर वैश्विक स्तर पर चीनी की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय मिलों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। दासानी के अनुसार सरकार द्वारा एक्सपोर्ट पर रोक या कोटा सख्ती जैसे कदम इस तेजी पर ब्रेक लगा सकते हैं।

मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों पर फोकस

आने वाले समय में सिर्फ चीनी उत्पादन नहीं, बल्कि एथेनॉल क्षमता कंपनियों का भविष्य तय करेगी। कर्जमुक्त होने के साथ एथेनॉल पर फोकस करने वाली कंपनियां ज्यादा सुरक्षित मानी जा रही हैं। इक्विटी99 के हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने बलरामपुर चीनी मिल्स को इस सेक्टर का टॉप पिक बताया है। यह कंपनी बाजार की लीडर है, जिसकी पेराई क्षमता 77,500 टीसीडी (TCD) और डिस्टिलरी क्षमता 560 केएलडी (KLD) है। जानकारों का कहना है कि एथेनॉल की कीमतें व सरकारी नीतियां ही इन शेयरों की अगली दिशा तय करेंगी।

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